
रांची। झारखंड के चतरा जिले में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है। मंगलवार सुबह टंडवा-पिपरवार थाना क्षेत्र के सीमावर्ती इलाके में पुलिस और राहुल दुबे गिरोह के अपराधियों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गिरोह का एक अपराधी विकास कुमार पैर में गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया। घायल विकास को प्राथमिक उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग स्थित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया।



पुलिस को देखते ही अपराधियों ने शुरू की फायरिंग : चतरा एसपी अनिमेष नैथानी ने मुठभेड़ की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि कार्रवाई में टंडवा और पिपरवार थाना की संयुक्त पुलिस टीम शामिल थी। पुलिस राहुल दुबे गिरोह के सदस्यों की तलाश में लगातार अभियान चला रही थी। एसपी के मुताबिक, हाल ही में कोयलांचल क्षेत्र में एक निजी कार्य एजेंसी के कार्यालय में हुई अंधाधुंध फायरिंग के बाद से गिरोह के अपराधियों की तलाश तेज कर दी गई थी। इसी क्रम में टंडवा एसडीपीओ प्रभात रंजन बरवार के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन कर लगातार छापेमारी की जा रही थी।
पुलिस को सूचना मिली थी कि राहुल दुबे गिरोह के कुछ अपराधी टंडवा-पिपरवार थाना क्षेत्र के सीमावर्ती इलाके में छिपे हुए हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की और सर्च अभियान शुरू किया। पुलिस के अनुसार, खुद को घिरता देख अपराधियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। इसी दौरान अपराधी विकास कुमार के पैर में गोली लग गई। पुलिस ने उसे मौके से पकड़ लिया।
अंधेरे का फायदा उठाकर अन्य अपराधी फरार
मुठभेड़ के दौरान विकास कुमार के अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश में इलाके में लगातार सर्च अभियान चला रही है। फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर भी छापेमारी की जा रही है। घायल विकास कुमार को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया
दो दिन पहले कंपनी के कार्यालय में हुई थी करीब 20 राउंड फायरिंग : गौरतलब है कि दो दिन पहले राहुल दुबे गिरोह के चार बाइक सवार नकाबपोश अपराधियों ने चंद्रगुप्त कोल परियोजना स्थित सुशी इंफ्रा कंपनी के कार्यालय में घुसकर करीब 20 राउंड फायरिंग की थी। इस गोलीबारी में ड्यूटी पर तैनात एसआईएस प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी का एक सुरक्षा गार्ड घायल हो गया था। वारदात के बाद अपराधियों ने मौके पर एक हस्तलिखित पर्चा छोड़ा था, जिसमें उन्होंने घटना की जिम्मेदारी भी ली थी।

