
रांची। रांची के ओरमांझी थाना क्षेत्र के उकरीद स्थित विदेशी शराब के बाटलिंग प्लांट मेसर्स तरंगनी लीकर्स प्राइवेट लिमिटेड में सीलबंद ताला व पीछे की चारदीवारी तोड़कर साक्ष्य मिटाने व चोरी मामले में उत्पाद दारोगा रूपेश कुमार के बयान पर 18 अगस्त को प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। ओरमांझी थाना कांड संख्या 122/2026 में दर्ज प्राथमिकी में रूपेश कुमार ने प्रथम दृष्ट्या आशंका जताई है कि साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से तरंगनी लीकर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक सुबोध कुमार राय व अन्य ने निजी स्वार्थ के लिए चोरी की घटना को अंजाम दिया है। इसके लिए गहन छानबीन की आवश्यकता है।उत्पाद दारोगा रूपेश कुमार के अधीन ही सदर-1 अंचल रांची की जिम्मेदारी है। मेसर्स तरंगनी लीकर्स प्राइवेट लिमिटेड का शराब कंपनी मेसर्स रेडिको खेतान लिमिटेड के साथ टाइअप था। रूपेश कुमार ही वहां के उत्पाद पदाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त थे।एक जुलाई को सील हुआ था प्लांट : उत्पाद दारोगा रूपेश कुमार ने दर्ज प्राथमिकी में जानकारी दी है कि एक जुलाई 2026 को छापेमारी के दौरान उत्पाद विभाग की टीम ने उक्त बाटलिंग प्लांट से भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब की जब्ती की थी जिसपर यूपी व दिल्ली के स्टीकर लगे थे। फॉर सेल इन यूपी एंड दिल्ली का स्टीकर लगाकर वहां विदेशी शराब की बाटलिंग हो रही थी, लेकिन लाइसेंस केवल झारखंड के लिए निर्गत था। टीम ने मौके से 70 पेटी किंगफीशर स्ट्रांग प्रीमियम बीयर, 218 पेटी आफ्टर डार्क ब्लू, सात पेटी 8पीएम व 78 पेटी रायल्स गोल्ड शराब की जब्ती हुई थी। इस मामले में उक्त प्लांट को सील किया था और मौके से ही प्लांट के संचालक बिहार के पूर्व एमएलसी सुबोध कुमार राय, उनका चालक व कर्मी गिरफ्तार किए गए थे, जिन्हें ओरमांझी थाने से जेल भेजा गया था। शिकायत में बताया गया कि जमानत मिलने के बाद सुबोध कुमार राय सात अगस्त को रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा से बाहर आए थे। 17 अगस्त को उनके प्लांट का ताला टूटा मिला।




