
रांची । जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में जारी छात्र आंदोलन के बीच बुधवार देर रात जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने किया प्रेस कॉन्फ्रेंस। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंच के कोर कमेटी सदस्य रविंद्र पासवान और पीयूष मौजूद थे। दोनों छात्र नेताओं ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से एसडीएम और एसडीओ के माध्यम से संदेश भेजा गया है कि सरकार आंदोलनरत छात्रों के प्रतिनिधियों से बातचीत करना चाहती है। इस प्रस्ताव पर रिफॉर्म मंच की कोर कमेटी ने विचार-विमर्श किया और सर्वसम्मति से सरकार के साथ वार्ता के लिए तैयार होने का निर्णय लिया है। रविंद्र पासवान ने कहा कि सरकार की ओर से अभी तक बातचीत की तिथि, समय और स्थान की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि जैसे ही सरकार वार्ता का समय तय करेगी, रिफॉर्म मंच का प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए उपस्थित होगा। उन्होंने बताया कि मंच की ओर से पांच प्रतिनिधि वार्ता में शामिल होंगे, हालांकि अभी यह तय नहीं हुआ है कि प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन सदस्य शामिल होंगे। इस संबंध में जल्द ही आधिकारिक घोषणा की जाएगी।



रविंद्र पासवान ने स्पष्ट किया कि रिफॉर्म मंच बातचीत से पीछे नहीं हट रहा है, लेकिन सरकार को छात्रों की मांगों पर ठोस और सकारात्मक निर्णय लेना होगा. उन्होंने कहा कि यदि सरकार उनकी सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लेती है तो आंदोलन को तत्काल समाप्त करने पर भी विचार किया जाएगा, लेकिन यदि मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं होता है, तो आंदोलन पहले की तरह जारी रहेगा।
पीयूष ने भी कहा कि छात्रों का आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ वार्ता का स्वागत है, लेकिन इसका परिणाम भी छात्रों के हित में होना चाहिए. केवल बातचीत के नाम पर आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा. रिफॉर्म मंच ने एक बार फिर अपनी प्रमुख मांगों को दोहराया। मंच की पहली और सबसे बड़ी मांग जेपीएससी और जेएसएससी की पिछले वर्षों की सभी विवादित परीक्षाओं और कथित घोटालों की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की है।
क्या है तीन मांगें
मंच का कहना है कि स्थानीय जांच एजेंसियों के बजाय निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच आवश्यक है. दूसरी प्रमुख मांग हाल ही में आयोजित 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा को कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के आरोपों के कारण पूरी तरह रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने की है।
इसके अलावा टीडीपीएल एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच, जेएसएससी-सीजीएल समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं में हुई विसंगतियों को दूर करने, ओएमआर शीट और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर स्थायी रोक लगाने तथा जेपीएससी और जेएसएससी में व्यापक प्रशासनिक एवं संरचनात्मक सुधार करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग भी दोहराई गई।
देर रात हुई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि रिफॉर्म मंच सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन आंदोलन की दिशा अब सरकार के अगले कदम और वार्ता के परिणाम पर निर्भर करेगी।
