
रांची। झारखंड में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत बुधवार को चुनाव आयोग ने मतदाता सूची प्रारूप प्रकाशन कर दिया। इस प्रारुप में 2,21,01,249 मतदाताओं के नाम सम्मिलित हैं, जिन्होंने गणना चरण के दौरान गणना प्रपत्र भरकर तथा हस्ताक्ष्रर कर बीएलओ को सौंपा था या आनलाइन गणना प्रपत्र भरा था। वर्ष 2026 की वर्तमान मतदाता सूची से तुलना करें तो इसमें 43,61,987 मतदाता के नाम अलग-अलग कारणों से कट गए हैं। एसआईआर के तहत मतदाता सूची से हटाए गए 43,61,987 नामों में वैसे मतदाताओं के नाम सम्मिलित हैंं, जो एएसडीडी (अब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ, डुप्लीकेट) सूची में सम्मिलित थे।



इनमें 1,16,484 विदेशी एवं अन्य मतदाता भी थे जो गलत ढंग से मतदाता बने हुए थे। इन्होंने गणना प्रपत्र भरने से इन्कार कर दिया। उन सभी को मतदाता सूची से बाहर किया गया है। आयोग ने एएसडीडी की भी सूची प्रकाशित कर दी है। इधर, मतदाता सूची के प्रारुप प्रकाशन के साथ ही दावा एवं आपत्ति की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिन मतदाताओं का नाम प्रारुप में नहीं है, वे अपना दावा-आपत्ति चार सितंबर तक दर्ज करा सकेंगे। साथ ही फिर से मतदाता सूची में सम्मिलित होने के लिए आवश्यक दस्तावेज के साथ फार्म-6 भरकर जमा कर सकते हैं।
साथ ही वैसे मतदाता जो गणना प्रपत्र जमा नहीं कर पाए हों, वे भी यह फार्म भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं। इस चरण में नए मतदाता भी अपना नाम सम्मिलित कराने के लिए निर्धारित फार्म भर सकेंगे। आयोग ने मतदाता सूची प्रारुप तथा एएसडीडी सूची आनलाइन एवं आफलाइन दोनों माध्यमों से प्रकाशित कर दी है। एसआइआर के तहत मतदान केंद्रों का युक्तिकरण (रेशनलाइजेशन) भी किया गया है। किसी मतदान केंद्र पर मतदाताओं की संख्या 1200 से अधिक न हो तथा तथा किसी भी मतदाता को अपने निर्धारित मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए दो किमी से अधिक दूरी तय न करनी पड़े, इसे सुनिश्चित करने के लिए ऐसा किया गया है।
इसमें 2,389 नए मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 1248 मतदान केंद्र वर्तमान जगहों पर ही बनाया गया, जबकि 1,141 मतदान केंद्र नई जगहों पर बनाया गया। वहीं, 68 मतदान केंद्रों को दूसरे मतदान केंद्रों में मर्ज किया गया है। युक्तिकरण के बाद राज्य में मतदान केंद्रों की कुल संख्या बढ़कर 31,892 हो गई है, जो पहले 29,571 थी।

