
रांची। हजारीबाग कोषागार से वेतन मद में करीब 15 करोड़ रुपये की अवैध निकासी मामले में गिरफ्तार तीन आरोपितों को फिलहाल राहत नहीं मिली है। अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) की विशेष अदालत ने शनिवार को आरोपित खुशबू सिंह, काजल कुमारी और धीरेंद्र सिंह की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। इससे पहले अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।



मामले की जांच कर रही सीआईडी ने हजारीबाग के लोहसिंघना थाना कांड संख्या 32/2026, जो आठ अप्रैल 2026 को दर्ज किया गया था, को टेकओवर किया था। इसके बाद 24 अप्रैल को सीआईडी थाना कांड संख्या 05/2026 के रूप में मामले को पुन: पंजीकृत (री-रजिस्टर्ड) कर जांच शुरू की गई।
सीआईडी की जांच में अब तक कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरफ्तार आरोपितों में हजारीबाग एसपी कार्यालय का मुख्य लेखापाल एवं मामले का मास्टरमाइंड शंभू कुमार, उसकी पत्नी काजल कुमारी, शंभू कुमार का सहयोगी रजनीश कुमार सिंह उर्फ पंकज सिंह तथा उसकी पत्नी खुशबू सिंह शामिल हैं। इसके अलावा बिहार के गयाजी जिले के कोंच थाना क्षेत्र के शंकरबीघा निवासी धीरेंद्र सिंह को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया है।
सीआईडी मामले की विस्तृत जांच कर रही है। जांच एजेंसी वित्तीय लेन-देन, दस्तावेजों और अन्य संबंधित पहलुओं की पड़ताल कर पूरे नेटवर्क तथा गड़बड़ी में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

