
पटना। सरकार औद्योगिक विकास के लिए 11 मेगा एवं सभी जिलों में फूड पार्क बनाएगी। नए उद्योग के लिए 50 हजार एकड़ का लैंड बैंक बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास से बिहार समृद्धि के रास्ते पर बढ़ेगा, इसके माध्यम से ही बिहार की तस्वीर बदली जा सकती है। हमारा लक्ष्य है कि उद्योग, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में बिहार नई ऊंचाइयों को प्राप्त करे। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करें। बिहार को निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य भी विकसित करें। राज्य में संसाधन की कमी नहीं है। निवेशकों को उद्योग स्थापित करने के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के उद्योगपतियों, औद्योगिक संगठनों, उद्यमियों से विचार-विमर्श करें, उनके सुझावों पर अमल करें तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।



ईज आफ डूइंग बिजनेस के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए प्रक्रियाओं को और अधिक सरल एवं पारदर्शी बनाएं। उद्योगों से संबंधित सभी स्वीकृति एवं सुविधाएं समयबद्ध ढंग से उपलब्ध कराई जाए, ताकि निवेशकों का विश्वास मजबूत हो। गांव के स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा दें।
स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यम स्थापना के लिए प्रोत्साहित करें। फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, फार्मा तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्रों में काफी संभावनाएं हैं। बिहार में टेक्सटाइल इंडस्ट्रियल सेंटर की स्थापना की दिशा में कार्य करें। स्टार्टअप इको सिस्टम को मजबूत कर युवाओं के लिए नए अवसर सृजित किए जाएं। उद्योगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर उद्योगों के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराएं। सभी जिलों के जिलाधिकारी भूमि अधिग्रहण के लिए लोगों से बात करें और उनकी भूमि का उचित मूल्य देकर उन्हें सहमत कराएं। नई औद्योगिक इकाइयों को निर्धारित प्रोत्साहन (इंसेंटिव) समय पर उपलब्ध कराएं। समीक्षा बैठक में उद्योग मंत्री श्रेयशी सिंह के अतिरिक्त अन्य अधिकारी उपस्थित थे। उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से राज्य में औद्योगिक विकास की तैयारियों की मुख्यमंत्री को जानकारी दी। सचिव ने बताया कि उद्योग को गति देने, निवेश को आकर्षित करने तथा रोजगार सृजन के अवसरों को बढ़ाने के लिए विभिन्न स्तर पर पहल की जा रही है।

