
रामगढ़। एसपी के पद पर कमान संभाले मुकेश कुमार लुनायत को लगभग 81 महीने में ही कानून-व्यवस्थाको लेकर ठोस पहल की है। एसपी ने प्रहरी अभियान चलाया। इस अभियान के तहत पुलिस की टीम नशेड़ियों, जुआरियों और असामाजिक तत्वों के जमावड़े और उनके अड्डे तक पहुंच रही है। पुलिस की पहुंच से अड्डेबाजी बंद हो रही है और इससे आम जनता को राहत मिली है। पहले कई ऐसे स्थान थे जहां से लोगों को गुजरना मुनासिब नहीं लगता था। शहर में ही पारसोतिया, न्यू बगीचा, गढ़बांध, पुरनी मंडप, गोलपार, दामोदर नदी किनारे, पतरातु बस्ती, जारा टोला, विकास नगर, बिजुलिया तालाब, कांकेबार, मुर्रामकला, बंगाली टोला, सिद्धो कान्हो मैदान, बंजारी मंदिर के पीछे नशे में धुत्त लोगों और जुआरियों का अड्डा लगा रहता था। पतरातू, भुरकुंडा, भदानीनगर, बरकाकाना ओपी क्षेत्र में रेलवे स्टेशन, जंगलों और नदी के किनारे भी कई लोगों का जमावड़ा लगता था। लेकिन अब उन्हीं ठिकानों पर सन्नाटा पसरा है और रास्ते से गुजरने वाले लोग बेफिक्र होकर निकलते हैं।



एसपी की प्रहरी टीम देर रात बेवजह निकलने वाले लोगों पर भी कड़ी निगाह रखती है। कई जगहों पर अचानक शुरू होने वाली वाहन चेकिंग अभियान से भी असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगा है। पेट्रोलिंग टीम भी अचानक रास्ते से जाने वाली गाड़ियों की चेकिंग करती है। संवेदनशील और संदिग्ध स्थानों पर पुलिस की रूटीन चेकिंग की वजह से अपराधियों की भी दाल नहीं गल रही है।
जिले में पुलिस अब पैदल पेट्रोलिंग भी कर रही है। इस पेट्रोलिंग से जनता का पुलिस पर भरोसा भी बढ़ रहा है। गाड़ियों से उतरकर पुलिस जब पैदल गली, मुहल्ले, कोचिंग संस्थान, कॉलेज और स्कूल के सामने से गुजरती है, तो वहां मौजूद लोग राहत की सांस लेते हैं। इस दौरान आम नागरिक कोई भी शिकायत सीधे पुलिस को बता सकते हैं। पुलिस की पैदल पेट्रोलिंग से उन इलाकों में छुप कर बैठने वाले असामाजिक तत्व भी अपना ठिकाना बदल चुके हैं। जिले के 12 थाना क्षेत्रों में कुल 114 ठिकाने एसपी ने चिन्हित किए थे। उन स्थानों पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगता था। अब उन ठिकानों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। कई बार तो ऐसा हुआ की नशेड़ियों और जुआरियों को लगा कि पुलिस एक बार आकर चली गई तो दोबारा नहीं आएगी। लेकिन पुलिस लगातार धमकती रही।
एसपी ने बताया कि 90 दिनों तक चिन्हित 114 ठिकानों पर पुलिस नियमित तौर पर छापेमारी करेगी। अगर आदतन अपराधी और असामाजिक तत्व अपना ठिकाना बदलकर अड्डेबाजी करेंगे तो पुलिस उन तक भी पहुंचेगी। अगली कड़ी में उन स्थानों को भी चिन्हित किया जाएगा जहां नए तरीके से जमावड़ा लगने की संभावना है। आम नागरिकों के साथ भी पुलिस का जुड़ाव काफी बढ़ा है। लोग बेफिक्र होकर भरोसे के साथ पुलिस के पास पहुंच रहे हैं।

