
बिजनौर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजनौर के अफजलगढ़ में आयोजित एक जनसभा के दौरान सूर्या चौहान हत्याकांड का जिक्र करते हुए कहा कि दोस्ती के नाम पर धोखा और हिंसा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हमेशा कानून का पालन करने वाले नागरिकों के साथ खड़ी है और जो लोग सामाजिक सौहार्द तथा कानून-व्यवस्था को चुनौती देंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सूर्या चौहान को दोस्ती के नाम पर विश्वासघात का सामना करना पड़ा और घटना के बाद पुलिस ने कानून के मुताबिक कार्रवाई की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “दोस्ती की आड़ में छुरेबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”



योगी ने कहा कि हम सबको ध्यान में रखना होगा कि अहिंसा और मानवता समाज के आभूषण हैं, लेकिन सामने खर-दूषण होगा, तो शस्त्र उठाना होगा। सभी को कानून व्यवस्था का सम्मान करना चाहिए और किसी को भी नियमों से ऊपर खुद को नहीं समझना चाहिए।
साथ ही उन्होंने परिवारों से अपने बच्चों को सही संस्कार देने की अपील करते हुए कहा कि यदि कोई अपने बच्चों को सही रास्ता नहीं दिखा पा रहा है, तो यह उसकी बड़ी जिम्मेदारी और चूक है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पाकिस्तान से विस्थापित परिवारों, पूर्व सैनिकों और पट्टाधारकों को भूमि स्वामित्व अधिकार प्रमाण पत्र भी वितरित करने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान से आए 1645 परिवारों और कई पूर्व सैनिकों को भूमिधरी अधिकार दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दशकों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे इन परिवारों को अब उनकी जमीनों का वैध मालिकाना हक मिला है, जिससे हजारों लोगों को लाभ पहुंचेगा।
गोवंश संरक्षण के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में गोहत्या के खिलाफ सख्त कानून लागू हैं और सरकार इस विषय पर किसी प्रकार की नरमी नहीं बरतेगी। गोहत्या से जुड़े मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है और आगे भी नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।

