
मुंगेर। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को कहा कि बिहार के लोगों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना एवं आसानी से सरकारी सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्लॉक, अंचल एवं थाना को मॉनिटर करने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय से व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं का समाधान आसानी से हो, इसके लिए प्रत्येक माह में दो दिन पंचायतों में कैंप लगाया जाएगा। यह सहयोग कार्यक्रम के तहत संचालित होगा। उन्होंने कहा कि एक माह से अधिक समय तक फाइल रोककर रखनेवाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार की कोशिश है कि लोगों के घर तक मूलभूत सुविधाएं एवं सरकार की सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो सके। चौधरी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लगातार 20 वर्षों तक बिहार में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने की हर संभव कोशिश की है। उन्होंने कहा कि लड़कियों को स्कूलों तक पहुंचाने के लिए उनके द्वारा कई प्रकार की योजनाएं संचालित की गई। महिलाओं को उद्योग-धंधों से जोड़ने के लिए भी बिहार में काफी काम किया गया है। इसे और आगे बढ़ाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने जब घरेलू बिहार के सभी उपभोक्ताओं को 125 यूनिट बिजली फ्री देने का निर्णय लिया, जिस पर करीब 20 हजार करोड़ रुपये का खर्च आ रहा था। उस समय ऐसा प्रतीत हो रहा था कि इतनी बड़ी धनराशि कहां से आएगी,लेकिन सरकार के दृढ संकल्प से यह काम सफल रहा। उन्होंने कहा कि बिहार में वित्त की कोई कमी नहीं है। विकास के सभी काम पूरे किए जायेंगे।चौधरी ने कहा कि मुंगेर से भागलपुर तक मरीन ड्राइव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गंगा नदी का पानी रोकने की दिशा में भी कार्य सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे यहां के लोगों को बाढ़ से मुक्ति मिल सके। सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। यहां कई झीलें और डैम हैं जिनमें गंगा नदी का पानी संग्रहित किया जा रहा है जिससे आसानी से जलापूर्ति हो सके। उन्होंने कहा कि जब तक किसान समृद्ध नहीं होगा तब तक बिहार मजबूत नहीं होगा। भारत विकसित हो और बिहार समृद्ध हो, जनता की यही अपेक्षा है। श्री चौधरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि नवंबर माह तक बिहार में पांच लाख करोड़ रुपये का निवेश हो सके। इस दिशा में प्रयास जारी है। उन्होंने कहा कि बिहार में बड़ी संख्या में फैक्ट्री स्थापित हो सके, इस दिशा में काम आगे बढ़ रहा है। पीरपैंती थर्मल पावर प्लांट, नवीनगर थर्मल पावर प्लांट आदि में एक लाख 36 हजार करोड़ रुपये का निवेश शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था विकसित करना चाहती है, जिससे बिहार के बिजली उपभोक्ता पूरी तरह सरकारी आपूर्ति पर निर्भर न रहें। इसके तहत लोगों के घरों की छतों पर सोलर प्लेट लगाए जाएंगे, ताकि उपभोक्ताओं को करीब 150 यूनिट तक बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि असरगंज में महाविद्यालय बना है। यहां के लोगों की इच्छा है कि यहां खेल मैदान भी बने, इसके लिए सरकारी जमीन चिन्हित की जाएगी। सरकारी जमीन उपलब्ध नहीं होने पर सरकार जमीन खरीदकर खेल मैदान बनाएगी। इस इलाके से कोलकाता एक्सप्रेस-वे गुजर रहा है। जब इसका काम पूर्ण हो जाएगा तब लोग 5 से 6 घंटे में कोलकाता आसानी पहुंच सकेंगे।




