
रांची। झारखंड में घरेलू बिजली दरों में 50 से 60 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। नई दर 1 अप्रैल से लागू होगी। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड का नया बिजली टैरिफ जारी कर दिया है। आयोग ने कंपनी के प्रस्तावित 59 प्रतिशत टैरिफ वृद्धि के मुकाबले औसतन 6.12 प्रतिशत टैरिफ वृद्धि को मंजूरी दी है। हालांकि कृषि उपभोक्ताओं को राहत देते हुए इस श्रेणी में किसी प्रकार की वृद्धि नहीं की गई है।



आयोग ने सार्वजनिक सुनवाई के दौरान उपभोक्ताओं और हितधारकों की आपत्तियों व सुझावों पर विचार करने के बाद टैरिफ को अंतिम रूप दिया है।
जेबीवीएनएल ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 10,725.26 करोड़ रुपये के एआरआर का दावा किया था। आयोग ने विस्तृत जांच के बाद वर्ष 2024-25 के लिए 7,894.55 करोड़ रुपये के एआरआर को स्वीकृति दी है। वहीं, वर्ष 2025-26 के लिए 8,261.21 करोड़ रुपये और वर्ष 2026-27 के लिए 10,832.70 करोड़ रुपये के एआरआर को मंजूरी दी गई है।
आयोग ने वितरण हानि (डिस्ट्रिब्यूशन लॉस) को नियंत्रित करने पर भी जोर दिया है। कंपनी ने वर्ष 2024-25, 2025-26 और 2026-27 के लिए क्रमश: 28.19 प्रतिशत, 27.23 प्रतिशत और 25.60 प्रतिशत वितरण हानि का प्रस्ताव दिया था। आयोग ने इन वर्षों के लिए 13 प्रतिशत वितरण हानि को मंजूरी दी है, जिससे कंपनी पर हानि कम करने का दबाव रहेगा।
नए आदेश में उपभोक्ता सुविधा पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। आयोग ने सभी लाइसेंसी को निर्देश दिया है कि प्रत्येक बिजली बिल पर सीजीआरएफ का विवरण देना अनिवार्य होगा। साथ ही उपभोक्ताओं और सीजीआरएफ सदस्यों के बीच मासिक संवाद आयोजित करने का भी निर्देश दिया गया है। उपभोक्ताओं को जारी किए जाने वाले बिल को सरल बनाने और शिकायत निवारण प्रक्रिया को मजबूत करने के निर्देश भी दिये गये हैं।
इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशनों के लिए भी अलग टैरिफ तय किया गया है। सोलर आवर (सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक) के लिए 7 रुपये प्रति यूनिट तथा नॉन-सोलर अवधि के लिए 8.70 रुपये प्रति यूनिट की दर तय की गई है। ग्रीन एनर्जी टैरिफ के लिए 0.95 रुपये प्रति यूनिट अतिरिक्त शुल्क को मंजूरी दी गई है।

