
अम्बाला । देश की सर्वोच्च सेनापति राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को हरियाणा के अंबाला वायुसेना स्टेशन से अत्याधुनिक राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया। यह पहली बार है जब भारत की कोई महिला राष्ट्रपति इस बहुचर्चित फ्रांसीसी विमान में सवार हुई हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह सहित कई शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे। राष्ट्रपति मुर्मू ने भारतीय वायुसेना की उस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाया है, जिसके तहत देश के राष्ट्रपति समय-समय पर वायुसेना की संचालन क्षमता और मनोबल का प्रत्यक्ष अनुभव करते रहे हैं।



राष्ट्रपति मुर्मू इससे पहले अप्रैल 2023 में असम के तेजपुर वायुसेना स्टेशन से सुखोई-30 एमकेआई विमान में उड़ान भर चुकी हैं। वह ऐसा करने वाली देश की तीसरी राष्ट्रपति हैं। उनसे पहले ए. पी. जे. अब्दुल कलाम ने 2006 में और प्रतिभा पाटिल ने 2009 में सुखोई विमान से उड़ान भरी थी।
फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित राफेल विमान को सितंबर 2020 में अंबाला एयरबेस पर भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था। पहले पांच राफेल विमानों को 17वीं स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज़’ में जोड़ा गया था, जो जुलाई 2020 में फ्रांस से भारत पहुंचे थे राफेल विमान ने हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में अपनी ताकत का प्रदर्शन किया था, जब अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में आतंकी ठिकानों पर सटीक निशाना साधा गया था। उस अभियान के बाद चार दिन तक दोनों ओर से सैन्य झड़पें हुईं, जो 10 मई को समझौते के साथ समाप्त हुई।
राष्ट्रपति मुर्मू की यह उड़ान केवल औपचारिक नहीं, बल्कि भारत की रक्षा तैयारियों, तकनीकी दक्षता और महिला नेतृत्व के सशक्त प्रतीक के रूप में देखी जा रही है। अंबाला वायुसेना स्टेशन आज भारतीय इतिहास के गौरवशाली पन्नों में दर्ज हो गया है।

