
पटना। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गंगा नदी पर बने देश के पहले छह लेन के सबसे चौड़े पुल औंटा (मोकामा,पटना)-सिमरिया (बेगूसराय) का शुक्रवार को उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही उनके नाम देश के सबसे चौड़े छह लेन पुल जनता को समर्पित करने का रिकार्ड बन जाएगा। पुल पर यातायात शुरू होते ही उत्तर से दक्षिण बिहार के बीच 100 किमी दूरी घटने के साथ ही संपर्कता सुगम हो जाएगी। यही नहीं, बंगाल, झारखंड एवं असम की दूरी भी कम हो जाएगी।



यह एक्सपैंशन केबल ब्रिज है। ऐसे में इस पुल के नीचे से मालवाहक जहाजों का परिचालन भी आसानी से हो सकेगा। एप्रोच सहित इस पुल की कुल लंबाई 8.150 किमी है। गंगा नदी पर पुल की लंबाई 1.865 किमी है। पुल के निर्माण पर 1871 करोड़ खर्च हुआ है। वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री ने इस पुल का शिलान्यास किया था। यह पुल पुराने दो-लेन रेल सह सड़क पुल राजेंद्र सेतु के समानांतर बनाया गया है। नया पुल उत्तर बिहार (बेगूसराय, सुपौल, मधुबनी, अररिया आदि) और दक्षिण बिहार (पटना, शेखपुरा, नवादा, लखीसराय आदि) के बीच यात्रा करने वाले भारी वाहनों के लिए इस अतिरिक्त यात्रा दूरी को 100 किमी तक कम करेगा।
इस परियोजना से भारी वाहनों के लिए यात्रा आसान और तेज होगी, जिससे ईंधन और वाहन संचालन लागत में बचत होगी। यह पुल प्रसिद्ध तीर्थ स्थल सिमरिया धाम, जो प्रसिद्ध कवि रामधारी सिंह दिनकर का जन्मस्थान भी है, उसे बेहतर संपर्क प्रदान करेगा। आर्थिक दृष्टिकोण से लाभकारी सिद्ध होगा।
34 मीटर चौड़ा है छह लेन पुल : आम तौर पर छह लेन पुल की चौड़ाई 29.5 मीटर होती है। लेकिन, औंटा-सिमरिया पुल की चौड़ाई (डेक) 34 मीटर है। देश के अन्य छह लेन पुलों की तुलना में साढ़े चार मीटर अधिक चौड़ा होने के कारण औंटा-सिमरिया से एक साथ अधिक संख्या में वाहन आ-जा सकेंगे।
हैम मोड में बिहार की पहली परियोजना : औंटा-सिमरिया बिहार की पहली ऐसी परियोजना है, जिसे हैम (हाईब्रिड एन्यूटी माडल) मोड में निर्माण किया गया है। इस मोड में निर्माण एजेंसी को 60 प्रतिशत राशि खर्च करनी पड़ती है, जबकि सरकार की ओर से मात्र 40 प्रतिशत ही खर्च की जाती है। टोल टैक्स के माध्यम से एजेंसी अपनी लागत की वसूली करती है। इस योजना के सफल क्रियान्वयन के बाद अब देश के अन्य राज्यों की तर्ज पर बिहार में भी हैम मोड से सड़क व पुल परियोजना पर काम होने का रास्ता खुल गया है।

