
रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा स्नातक स्तर के पदों पर होनेवाली नियुक्ति में अब प्रारंभिक परीक्षा के साथ-साथ मुख्य परीक्षा भी होगी। प्रारंभिक परीक्षा के माध्यम से कुल पदों के 15 गुना अभ्यर्थियों का चयन मुख्य परीक्षा के लिए किया जाएगा। लेकिन किसी कोटि में 15 गुना अभ्यर्थी नहीं मिलने पर उसी कोटि के अन्य अभ्यर्थियों काे भी मेधा सूची में सम्मिलित किया जाएगा।



जेएसएससी ने इसे लेकर नियमावली में संशोधन किया है, जिसमें यह प्रविधान किया गया है। साथ ही प्रारंभिक परीक्षा में अंतिम चयनित अभ्यर्थी के बराबर प्राप्तांक वाले सभी अभ्यर्थियों का चयन मुख्य परीक्षा के लिए किया जाएगा।
संशोधित नियमावली में यह प्रविधान किया गया है कि किसी बहाली में 50 हजार से कम आवेदन आने पर प्रारंभिक परीक्षा आयोजित नहीं होगी।
लेकिन जेएसएससी के पास यह शक्ति होगी कि वह 50 हजार से अधिक आवेदन आने पर भी विशेष परिस्थितियों में प्रारंभिक परीक्षा की जगह सीधे मुख्य परीक्षा आयोजित करे।
प्रारंभिक परीक्षा की बात करें तो यह बहुवैकल्पिक अर्थात वस्तुनिष्ठ प्रकार की होगी। इसमें निगेटिव मार्किंग लागू होगा यानी गलत उत्तर देने पर अंक कटेंगे। प्रत्येक सही प्रश्न पर तीन अंक मिलेंगे तथा प्रत्येक गलत उत्तर पर एक अंक की कटौती की जाएगी।प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण होने के लिए अनारक्षित तथा आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों के लिए
न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक, एससी, एसटी तथा महिला के लिए 32 प्रतिशत अंक, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 34 प्रतिशत, पिछड़ा वर्ग के लिए 36.5 तथा आदिम जनजाति के लिए 30 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य होगा। मुख्य परीक्षा का पैटर्न तथा सिलेबस पूर्व की नियमावली के अनुसार लागू होगा।

