
नई दिल्ली । लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी वक्फ संशोधन विधेयक पारित हो गया। बिल के दोनों सदनों से पारित होने पर पीएम मोदी ने कहा कि संसद के दोनों सदनों द्वारा वक्फ (संशोधन) विधेयक और मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक का पारित होना सामाजिक-आर्थिक न्याय, पारदर्शिता और समावेशी विकास के लिए हमारी सामूहिक खोज में एक महत्वपूर्ण क्षण है। उन्होंने कहा कि इससे विशेष रूप से उन लोगों को मदद मिलेगी जो लंबे समय से हाशिये पर हैं, जिससे उन्हें आवाज़ और अवसर दोनों से वंचित रखा गया है।



पीएम मोदी ने आगे कहा कि दशकों से वक्फ व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही का अभाव था। इससे खास तौर पर मुस्लिम महिलाओं, गरीब मुसलमानों, पसमांदा मुसलमानों के हितों को नुकसान पहुंचता था। मोदी ने कहा कि संसद की तरफ से पारित कानून पारदर्शिता को बढ़ाएंगे और लोगों के अधिकारों की रक्षा भी करेंगे।
सामाजिक न्याय के प्रति संवेदनशील : पीएम मोदी ने कहा कि अब हम ऐसे युग में प्रवेश करेंगे जहां ढांचा अधिक आधुनिक और सामाजिक न्याय के प्रति संवेदनशील होगा। व्यापक रूप से, हम प्रत्येक नागरिक की गरिमा को प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसी तरह हम एक अधिक मजबूत, अधिक समावेशी और अधिक दयालु भारत का निर्माण भी कर सकते हैं।
गरीब मुसलमानों की मदद : प्रधानमंत्री की टिप्पणी बीजेपी के इस तर्क के अनुरूप है कि वक्फ विधेयक एक सुधार उपाय है जिसका उद्देश्य मुसलमानों में गरीब लोगों की मदद करना है। इनके बारे में पार्टी ने दावा किया है कि समुदाय के मामलों में उनकी कोई भूमिका नहीं है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह विधेयक, जिसे अब कानून बनने के लिए राष्ट्रपति की स्वीकृति की आवश्यकता है, एक ऐसे युग की शुरुआत करेगा जो अधिक आधुनिक और सामाजिक न्याय के प्रति संवेदनशील’ होगा।

