
जयपुर। राजस्थान की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता हासिल करते हुए लॉरेंस बिश्नोई-रोहित गोदारा गैंग के सक्रिय सदस्य आदित्य जैन उर्फ टोनी को दुबई से गिरफ्तार कर लिया है। आदित्य जैन गैंग के लिए एक तरह से ‘कंट्रोल रूम’ का काम कर रहा था और विदेशों से गैंग को संचार व ‘डब्बा कॉल’ (धमकी भरी कॉल्स आदि की सुविधा) मुहैया करा रहा था। वह पिछले कई वर्षों में गैंग द्वारा की गई जबरन वसूली, फायरिंग और अन्य गंभीर अपराधों के कई मामलों में वांछित था।



एजीटीएफ की इंटरपोल विंग, जिसका नेतृत्व पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) योगेश यादव और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) नरोत्तम वर्मा कर रहे थे, ने आदित्य जैन के खिलाफ इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया था। इसके बाद, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिद्धांत शर्मा की निगरानी में पुलिस निरीक्षक (CI) मनीष शर्मा, सीआई सुनील जांगिड़ और सीआई रविन्द्र प्रताप की टीम ने उसकी लोकेशन संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में ट्रैक की।
सीबीआई के माध्यम से यूएई को इंटरपोल रेफरेंस भेजा गया। इस रेड कॉर्नर नोटिस और इंटरपोल रेफरेंस के आधार पर यूएई पुलिस अधिकारियों ने आदित्य जैन को हिरासत में ले लिया और राजस्थान पुलिस से उसे लाने के लिए एक टीम भेजने का अनुरोध किया। एजीटीएफ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिद्धांत शर्मा के पर्यवेक्षण में एक टीम दुबई भेजी गई, जिसमें पुलिस निरीक्षक रविन्द्र प्रताप, पुलिस निरीक्षक सुनील जांगिड़, उप निरीक्षक (SI) कमलेश, हैड कांस्टेबल (HC) रमेश और कांस्टेबल (FC) सनी शामिल थे। यह टीम सफलतापूर्वक आदित्य जैन को लेकर आज, यानी 4 अप्रैल 2025 को सुबह लगभग 8 बजे जयपुर एयरपोर्ट पहुंच गई है।
आदित्य जैन की गिरफ्तारी को लॉरेंस-गोदारा गैंग के नेटवर्क, विशेष रूप से विदेश से संचालित होने वाली जबरन वसूली और अन्य आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। AGTF अब उससे पूछताछ कर गैंग के नेटवर्क और अन्य सदस्यों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाने का प्रयास करेगी।

