
रांची। विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए 74 अरब 70 करोड़ 50 लाख 86 हजार रुपये की अनुदान मांग चर्चा के बाद स्वीकृत हो गई। विभागीय मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सरकार के उत्तर में विपक्ष पर जहां चुटकियां ली, वहीं आगामी योजनाओं को भी सदन के पटल पर रखा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।



राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों और सदर अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी तकनीक को अपनाया जाएगा। इसकी शुरूआत रिम्स से होगी। सभी सरकारी अस्पतालों में 10 रुपये में 10 तरह की जांच होगी। इनमें सिकल सेल अनीमिया, डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया, सीबीसी, क्रेटिनीन, ब्लड शुगर, चिकुनगुनिया, रूटीन यूरीन व कोविड-19 की जांच शामिल हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वे 6500 करोड़ की लागत से रिम्स का पुनर्निमाण करने जा रहे हैं। इससे रिम्स की क्षमता को 2200 बेड से बढ़ाकर 3500 बेड करने जा रहे हैं। सुपर स्पेशियलिटी की क्षमता 200 से बढ़ाकर 950 बेड की करेंगे। इसके लिए 750 बेड का नया सुपर स्पेशियलिटी भवन बनेगा।
5000 क्षमता का नया ओपीडी भवन बनेगा। इसमें ओपीडी के अलावा सभी प्रकार की जांच एक ही भवन में होंगे। यूजी, पीजी छात्र-छात्राओं के लिए नए हॉस्टल बनेंगे। सभी हॉस्टल तोड़कर, फ्लैट कल्चर विकसित होगा। 14 मंजिला छात्रावास बनेगा। यहां दूसरा रिम्स भी बनने जा रहा है, जिसके लिए जमीन चिह्नित कर लिया गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने सदन में घोषणा की है कि सदर अस्पताल में 24 गुणा सात सुपर स्पेशियलिटी सेवा देंगे। मेडिकल कॉलेजों के लिए एमआरआई, सीटी स्कैन मशीन, डिजिटल एक्सरे खरीद रहे हैं। इसके लिए आपूर्तिकर्ता से एक शर्त भी रखी जा रही है कि उक्त मशीनें उन्हें ही संचालित करनी है। इसके लिए उनसे दस साल का अनुबंध लिया जाएगा। सभी सदर अस्पताल में आईसीयू और जिला अस्पतालों में माड्यूलर ओटी बनाने जा रहे हैं।
गांवों में बनेंगे 25 हेल्थ कॉटेज : राज्य के गांवों में 25 हेल्थ कॉटेज बनाएंगे। ये सिर्फ ट्राइबल क्षेत्र में बनेंगे, ताकि वहां के ग्रामीणों को गांव में ही बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके। दो वर्ष के भीतर राज्य में 1258 नए स्वास्थ्य उपकेंद्र का निर्माण होगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य में संचालित पांचों चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में सुपर स्पेशियलिटी की सेवाएं शुरू करने का प्रस्ताव है। इसमें मुख्यत: कॉर्डियोलोजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, आंकोलॉजी की सुविधा होगी। दुमका, पलामू और हजारीबाग में निमार्णाधीन 500 बेड के अस्पताल का निर्माण कार्य पूरा कराकर उसे संचालित किया जाएगा।
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि रांची के कांके में मेडिको सिटी विकसित होगा। यहां मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा। इस मेडिको सिटी में दस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के साथ साथ हेलीपैड की भी व्यवस्था होगी। उनकी सरकार राष्ट्रीय उच्च मार्ग के समीप राज्य में 48 ट्रामा सेंटर बनाने जा रही है। झारखंड की जनता को मुफ्त में दवा देंगे। राज्य में डायल 108 की तर्ज पर दुमका में अलग कॉल सेंटर खोलेंगे, जिससे 300 नए एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस जोड़े जाएंगे। ये 300 बाइक एंबुलेंस होंगे, जो दुर्ग पहाड़ी क्षेत्रों के लिए होंगे। एंबुलेंस सेवा को अपग्रेड किया जा रहा है। इसके रिस्पांस टाइम को ग्रामीण क्षेत्र में 30 मिनट और शहरी क्षेत्र में 25 मिनट करने का लक्ष्य है। राज्य में दुमका, चाईबासा, हजारीबाग व पलामू में नए नर्सिंग कॉलेज खोलने का प्रस्ताव है। सहिया बहनों को 42000 टैब दे रहे हैं। उस टैब में मेडिकल के सभी सिस्टम होंगे।

