
रांची । ईडी ने झारखंड में जल जीवन मिशन में गड़बड़ियों और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में सोमवार को झारखंड सरकार के मंत्री मिथिलेश ठाकुर के पीएस हरेंद्र सिंह, उनके कुछ करीबियों, आईएएस मनीष रंजन, बिल्डर, डेवलपर एवं कांट्रेक्टर विजय अग्रवाल सहित पेयजल स्वच्छता विभाग के कई इंजीनियरों और अफसरों के ठिकानों पर छापेमारी की है।
रांची और चाईबासा सहित करीब 20 ठिकानों पर ईडी की टीमों ने सोमवार सुबह एक साथ दबिश दी है। रांची में विजय अग्रवाल के रातू रोड इंद्रपुरी स्थित आवास के अलावा उनके हरमू और मोरहाबादी स्थित ठिकानों पर सर्च चल रही है, जबकि आईएएस मनीष रंजन के आवास और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मंत्री मिथिलेश ठाकुर के पीएस हरेंद्र सिंह के आवासों पर भी सुरक्षा बलों की तैनाती के बीच एजेंसी के अफसरों की टीम पहुंची है। खबर है कि इन ठिकानों से कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए गए हैं।



ज्ञात हो कि, जल जंगल मिशन में करोड़ों रुपए के घोटाले मामले में यह छापेमारी हो रही है। जल जंगल मिशन विभाग के कैशियर संतोष कुमार ने 23 करोड़ की अवैध निकासी की थी। विभाग ने मामला भी दर्ज करवाया था, जिसमें संतोष कुमार जेल में है।
झारखंड में जल जीवन मिशन की योजना में कई जिलों में अनियमितताएं और गड़बड़ियों की शिकायतें हैं। इसे लेकर कुछ जिलों में एफआईआर भी दर्ज हुई है। ईडी ने इन्हीं एफआईआर को जांच का आधार बनाया है। मंत्री मिथिलेश ठाकुर राज्य की हेमंत सोरेन सरकार में बेहद पावरफुल माने जाते हैं। वह 2019 में राज्य की गढ़वा विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे। ईडी जांच की आंच उन तक भी पहुंच सकती है।
इसके पहले शनिवार को भी ईडी की टीम ने रांची में चर्चित जमीन घोटाले को लेकर शहर में कई ठिकानों पर छापेमारी की थी।
जमीन घोटाले मामले में छापेमारी : जमीन घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के नाम पर वसूली मामले में एजेंसी ने सोमवार की सुबह राजधानी के रातू रोड, हरमू, मोरहाबादी समेत छह ठिकानों में छापेमारी शुरू कर दी है। ईडी की टीम रातू रोड स्थित इंद्रपुरी रोड में विजय अग्रवाल के आवास पर दबिश दी है। इसके अलावा हरमू, मोरहाबादी सहित अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी चल रही है।
क्या है पूरा मामला : ईडी की यह कार्रवाई रांची के पंडरा थाने में दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर की गयी है। इस मामले में एक अधिवक्ता सुजीत कुमार पर ईडी को मैनेज करने के नाम पर छह करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है. इस मामले में ईडी ने ईसीआईआर (इकोनॉमिक आॅफेंस कंप्लेंट रिपोर्ट) दर्ज की है।
