
रामगढ़। जिले में जन जागरण रथ यात्रा की शुरूआत कांग्रेसियों के द्वारा की जा रही थी। लेकिन कार्यक्रम के संचालक और जिला अध्यक्ष का आपसी मनमुटाव कार्यक्रम स्थल पर ही उजागर हो गया। पहले तो दोनों के बीच गाली गलौज हुई और बाद में फिर मामला हाथा पाई तक पहुंच गया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मामला शांत कराया तब जाकर कार्यक्रम आगे बढ़ा।



भारत का दिल गांव में बसता है। हमारे गांव की व्यवस्था पंचायत है। पंचायती राज व्यवस्था देश के विकास के लिए एक मजबूत नींव तैयार करती है। आज देश की जनता उस व्यवस्था से भी अनभिज्ञ है। यही वजह है कि कांग्रेस ने ग्राम स्वराज यात्रा की शुरूआत की है। जनता को पंचायती राज व्यवस्था के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए। बुधवार को रामगढ़ शहर के सुभाष चौक पर स्वराज यात्रा को शुभारंभ करते हुए यह बातें धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष जयशंकर पाठक ने कही । इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष शहजादा अनवर, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजीव रंजन, युवा आयोग के अध्यक्ष कुमार गौरव, राजीव गांधी पंचायती राज के प्रदेश अध्यक्ष एस शर्मा, प्रदेश नेता बलजीत सिंह बेदी, जिलाध्यक्ष मुन्ना पासवान, प्रदेश प्रवक्ता सह राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के शांतनु मिश्रा सहित अन्य लोग मौजूद थे। ध्वज सौंपने के बाद इस रथ को गांव के लिए रवाना किया गया।
जयशंकर पाठक ने कहा कि जनजागरण यात्रा का उदेश्य पंचायती राज व्यवस्था के प्रति लोगों को जागरूक करना है। जिससे लोगों में जागरूकता के बाद पंचायती राज व्यवस्था को संपूर्ण अधिकार सरकार से मिल सके। उन्होंने कहा कि जनता को अपने अधिकार के लिए संगठित होकर जन आंदोलन करना जरूरी है। जिसे देखते हुए ग्रामसभा को सशक्त बनाने व पंचायतों को पूर्ण अधिकार दिलाने के उदेश्य से जनजागरण यात्रा 21 दिनों तक रामगढ़ विधानसभा में निकालकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। इस दौरान दिन में ग्रामीणों के बीच जनसंपर्क अभियान और रात्री में चौपाल भी लगाया जाएगा।
इस मौके पर कांग्रेसियों ने राहुल गांधी का जन्मदिन भी मनाया। पार्टी नेताओं ने लोगों के बीच लड्डू बांटे और राहुल गांधी के उज्जवल भविष्य की कामना की। स्वराज यात्रा रथ की रवानगी के दौरान कांग्रेसी नेता आपस में ही भिड़ गए। गाली गलौज के बाद नौबत धक्का मुक्ति तक पहुंच गई। यात्रा के शुभारंभ कार्यक्रम में पार्टी जिला अध्यक्ष मुन्ना पासवान को पहुंचने में देर हो गई।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे बलजीत सिंह बेदी को उनकी लेट लतीफी पसंद नहीं आई और उन्होंने जिला अध्यक्ष बोलने का मौका तक नहीं दिया। बलजीत सिंह बेदी की यह हरकत जिला अध्यक्ष को पसंद नहीं आई और वे उनसे भिड़ गए। पहले तो दोनों नेताओं के बीच गाली गलौज हुई और चंद पलों में ही दोनों हाथापाई करने के लिए उलझ गए। बाद में पार्टी के अन्य नेता और कार्यकतार्ओं ने उन दोनों को शांत कराया।

