पटना। छवि धूमिल करने के कुचक्र को भी राजद विधानसभा चुनाव में अपनी करारी हार का एक कारण मान रहा। शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर परिणाम की व्याख्या हर दृष्टिकोण से हो रही, जिसमें महागठबंधन की जीत पर विरोधियों द्वारा जताई गई जंगलराज की पुनर्वापसी की आशंका भी है।

ऐसे बोल-वचन वाले गीतों से भी इस आशंका को बल मिलता है, लिहाजा राजद ने उन 32 गायकों को नोटिस भेजा है, जिन्होंने पार्टी सहित लालू प्रसाद व तेजस्वी यादव आदि के नाम का उल्लेख करते हुए गीत गाए हैं। इनमें भोजपुरी गायक टुनटुन यादव सहित मैथिली-मगही के भी गायक हैं और उनमें से कई बिहार के बाहर के राज्यों से भी हैं। नोटिस में लिखा है कि स्पष्टीकरण नहीं देने वाले कलाकारों के विरुद्ध मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा। हालांकि, राजद उन गायकों के नाम अभी सार्वजनिक नहीं कर रहा।

राजद की यह पहल वस्तुत: मनोरंजन उद्योग में अपने नाम के राजनीतिक दुरुपयोग को रोकने की है। दरअसल, चुनाव अभियान के दौरान इंटरनेट मीडिया पर ऐसे गाने बहु-प्रसारित हो गए थे, जिनमें हिंसक, उकसाऊ और अराजकता फैलाने वाले डायलाग थे। राजद का मानना है कि ऐसे गीतों से उसकी छवि धूमिल हुई है, जिसकी मंशा विरोधियों की थी और ऐसा जान-बूझकर किया गया।

नोटिस में पूछा गया है कि पार्टी और नेताओं के नाम व उनकी छवि के उपयोग के लिए अनुमति क्यों नहीं ली गई? पार्टी की कानूनी टीम अब उन गायकों के स्पष्टीकरण की समीक्षा करेगी। उत्तर संतोषजनक नहीं हुआ तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।

राजद, लालू प्रसाद या तेजस्वी यादव का नाम लेकर कोई भी गाना या वीडियो बनाना मानहानि के दायरे में आएगा। पार्टी की पहचान वाले झंडे, प्रतीक-चिह्न या नारों का उपयोग मनोरंजन सामग्री, रील्स या गानों में किया जाना अवैध माना जाएगा। इसका उल्लंघन करने वाले कलाकारों के विरुद्ध फौजदारी का मुकदमा दायर करते हुए मानहानि का दावा किया जाएगा।

पीएम मोदी ने रैली में किया था जिक्र : बिहार में चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी ने कैमूर की रैली में राजद के प्रचार वाले गानों का जिक्र किया था और कहा था कि इनके गाने सुने आपने, गाने की लाइन है, आएगी भइया की सरकार-बनेंगे रंगदार। यानी ये इंतजार कर रहे हैं कब इनकी सरकार आए और रंगदारी, जंगलराज शुरू कर पाए। मारब सिक्सर के 6 गोली छाती में। ये सरकार में वापस आए तो रंगदारी वसूलेंगे।

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