पटना। बिहार सरकार ने अलग-अलग विभागों में 4799 पदों पर बहाली करने का निर्णय लिया है, जिसमें सबसे अधिक शिक्षा विभाग में 2361 पदों पर नियुक्ति की जाएगी।
मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) डॉ. एस. सिद्धार्थ ने मंगलवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में यहां हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।इन भर्तियों में सबसे अधिक पद शिक्षा विभाग में भरे जाएंगे, जिनकी संख्या 2,361 है। इसके बाद नगर विकास एवं आवास विभाग में 1,350 पदों पर भर्ती होगी।

विभागों में भर्ती का विवरण: मंत्रिमंडल सचिवालय के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने बताया कि कैबिनेट ने विभिन्न विभागों के 47 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी है और इन पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। शिक्षा विभाग में सहायक शिक्षा पदाधिकारी के 935 और शिक्षा विकास पदाधिकारी के 568 पद शामिल हैं, इस प्रकार कुल 1,503 पदों पर भर्ती की जाएगी।

सरकार का उद्देश्य है कि औसतन 10 पंचायतों पर एक निरीक्षण पदाधिकारी की नियुक्ति हो, जिससे प्रखंड स्तर पर एक मजबूत प्रशासनिक संरचना विकसित की जा सके। इसके अतिरिक्त, बिहार शिक्षा परियोजना परिषद में विभिन्न स्तरों के 818 पदों को भी स्वीकृति दी गई है।

सरकारी विद्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और कार्यालयों में भूमि के सत्यापन और संरक्षण के लिए 2 भू-संपदा पदाधिकारी और 38 सहायक भू-संपदा पदाधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। नगर विकास एवं आवास विभाग में 1,350 पदों पर भर्ती होगी। यह भर्ती 7 आयोजन क्षेत्र प्राधिकारों – बोधगया, गया, राजगीर, बिहारशरीफ, आरा, मुजफ्फरपुर और सहरसा में की जाएगी।

हवाई सफर होगा सस्ता : राज्य सरकार ने हवाई जहाज के परिचालन को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर की संपर्कता को बढ़ावा देने के लिए वायुयान ईंधन (एटीएफ) पर लगने वाले वैट की दर में 25 फीसदी तक की कटौती की है। अभी इस पर लगने वाले वैट की 29 फीसदी की दर को कम करते हुए 4 फीसदी कर दिया गया है। पहले वाली लागू दर उत्तर प्रदेश, झारखंड, दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों की तुलना में अधिक थी। इससे पटना समेत राज्य के अन्य शहरों में वायुयान का परिचालन बढ़ेगा और क्षेत्रीय संपर्कता को बढ़ावा मिलेगा। हवाई जहाज के किराए में भी गिरावट आ सकती है।

कैबिनेट की बैठक में अमृत-2 योजना के तहत 6 शहरों में जलापूर्ति और सीवरेज समेत ऐसे अन्य कार्य कराए जाएंगे। इसके तहत आरा में जलापूर्ति परियोजना के लिए 138 करोड़ 26 लाख रुपये, सीवान जलापूर्ति परियोजना के लिए 113 करोड़ 28 लाख और सासाराम जलापूर्ति परियोजना के लिए 76 करोड़ 44 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं।

औरंगाबाद में 196 किमी सीवरेज नेटवर्क परियोजना के लिए 497 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। 8 पंपिंग स्टेशन भी लगाए जाएंगे। 30 वार्डों में रहने वाले 24 हजार घरों को इस सीवरेज नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। सीवान में 128 किमी सीवरेज नेटवर्क के लिए 367 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। 25 वार्ड के 29 हजार 555 घरों को इससे जोड़ा जाएगा। 4 मध्यवर्ती पंपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। सासाराम में 205 किमी सीवरेज नेटवर्क के लिए 455 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इससे 22 वार्ड के 33 हजार 525 घरों को इस सीवरेज नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। 4 मध्यवर्ती पंपिंग स्टेशन का निर्माण होगा।

गयाजी में पुरानी बाईपास (सुजाता बाईपास) के चौड़ीकरण कर फोर बनाने के लिए 37 करोड़ 83 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसकी लंबाई 2.45 किमी है।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version