
आरा। भोजपुर पुलिस को साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी। पुलिस ने दानापुर के आरकेपुरम स्थित एक फ्लैट पर छापेमारी कर ऑनलाइन गेमिंग के जरिए देश भर में करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया। इस दौरान मौके से साइबर ठगी करते हुए 9 आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। साइबर डीएसपी स्नेह सेतु के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में खुलासा हुआ है कि इस गिरोह के तार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े हैं और गिरोह का मुख्य सरगना दुबई में बैठकर पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था। इस पूरे मामले का खुलासा बैंक खातों की जांच के दौरान हुआ। साइबर डीएसपी स्नेह सेतु को गुप्त सूचना मिली थी कि बड़हरा के बबुरा स्थित ग्रामीण बैंक के तीन खातों में हाल के दिनों में बड़े पैमाने पर संदिग्ध लेनदेन किया जा रहा है। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि इन खातों के जरिए अब तक 8 करोड़ रुपये से अधिक का अवैध वित्तीय लेनदेन किया जा चुका है।



पुलिस को मौके से भारी मात्रा में तकनीकी उपकरण और दस्तावेज मिले हैं, जिनमें 46 मोबाइल, 7 लैपटॉप, 32 सिम कार्ड, 52 डेबिट/क्रेडिट कार्ड, 18 विभिन्न बैंकों की पासबुक, 5 आधार कार्ड (सुरक्षित रूप से दर्ज), 4 पैन कार्ड और 2 वोटर आईडी कार्ड शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए अपराधियों में अभिषेक कुमार उर्फ गोलू कुमार सिंह, विकास कुमार, प्रमोद कुमार, अनुज कुमार, आकाश सिंह, सत्येन्द्र प्रसाद, रोहित कुमार, सरोज कुमार और राहुल कुमार शामिल हैं, जो आरा के विभिन्न इलाकों के निवासी हैं और कम समय में करोड़पति बनने का सपना देख रहे थे।
जांच के दौरान पुलिस को दो ऐसे मोबाइल नंबर मिले जो आयर थाने के बलीगांव निवासी अरुण सिंह के बेटे अनूप कुमार के नाम पर दर्ज थे। पुलिस ने जब इन दोनों संदिग्ध नंबरों का वैज्ञानिक तरीके से लोकेशन ट्रैक किया, तो इनकी स्थिति दानापुर के आरकेपुरम में पाई गई। इसी सटीक इनपुट के आधार पर पुलिस की विशेष टीम ने आरकेपुरम स्थित एक चिन्हित फ्लैट की घेराबंदी की। फ्लैट के बाहर ताला लटका हुआ था, लेकिन छत के रास्ते अंदर कुछ लोगों की मौजूदगी की जानकारी मिलते ही पुलिस ने धावा बोल दिया।
दुबई से टेलीग्राम और व्हाट्सएप के जरिए कंट्रोलिंग
पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में सनसनीखेज खुलासा हुआ कि इस पूरे गिरोह में कुल 12 से 13 लोग शामिल हैं। इस गिरोह का मुख्य सरगना दुबई में बैठा हुआ है। वो वहीं से टेलीग्राम और व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से इन सभी गुर्गों को आवश्यक निर्देश देता था और पूरे भारत में फैले साइबर ठगी के इस जाल को कंट्रोल करता था।

