ररांची। सारंडा में घिरे 25 खूंखार नक्सली गुरुवार को करेंगे सरेंडर। राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत गुरुवार को झारखंड पुलिस मुख्यालय में यह आत्मसमर्पण होगा। यह एक दिन में होनेवाला अबतक का सबसे अधिक आत्मसमर्पण बताया जा रहा है। इनमें छह सब जोनल कमांडर, छह एरिया कमांडर व 13 कैडर शामिल हैं। इनमें महिला माओवादियों की संख्या 10 के करीब है।

आत्मसमर्पण करने वालों में करीब सात माओवादी इनामी हैं।आत्मसमर्पण करने वाले ये माओवादी पुलिस से लूटे हुए एक दर्जन से अधिक हाईटेक हथियार भी पुलिस के सामने डालेंगे। माओवादी एलएमजी, एसएलआर, एके-47, इंसास आदि के साथ आत्समर्पण करेंगे। झारखंड पुलिस मुख्यालय में गुरुवार को इससे संबंधित एक कार्यक्रम प्रस्तावित है।जिन हथियारों के साथ माओवादी आत्मसमर्पण करेंगे, उनमें एक करोड़ के इनामी माओवादियों के पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा के बाडीगार्ड का वह उन्नत क्वालिटी का एलएमजी भी है, जिसकी रेंज 700 से 800 मीटर तक है। यह एक हथियार सौ पर भारी रहा है। एक करोड़ का इनामी माओवादियों का पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा अब और भी कमजोर पड़ गया है। उसके दस्ते में अब एक दर्जन के करीब माओवादी बचे हैं। पूरे सारंडा में यही एक दर्जन माओवादी अब बचे हैं, जिनकी तलाश में सुरक्षा बल के जवान जुटे हैं।सुरक्षा बलों तक खुफिया सूचना है कि मिसिर बेसरा मिसिंग है। यानी, वह दस्ता से गायब है। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले समय में वह भी आत्मसमर्पण कर सकता है। फिलहाल, उसकी घेराबंदी तेज है।पुलिस सूत्रों के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में सात इनामी माओवादी प्रभात मुखिया, गुलशन मुंडा, रेखा मुंडाइन, सागेन अंगरिया, करन तीव, सुलेमान हांसदा व बासुमति के अलावा बैजनाथ, रघु कायम, किशोर, रामदयाल, वंदना, बसंती, मुनी राम, अनिशा, बिरसा, लादू आदि शामिल हैं।

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