गयाजी। विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले के दौरान गयाजी में देश-विदेश से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को देवघाट पर कई विदेशी श्रद्धालु अपने पितरों के मोक्ष की कामना को लेकर पूरे विधि-विधान से पिंडदान करते नजर आए। विदेशी श्रद्धालुओं ने अपने मृत पूर्वजों, मित्रों और परिवार के सदस्यों की आत्मा की शांति एवं मोक्ष के लिए पिंडदान और तर्पण किया। सनातनधर्मी लोकनाथ गौड़ के नेतृत्व में इस बार कुछ 48 विदेशी पिंडदानी पहुंचे जिसमें 22 विदेशियों ने पिंडदान किया और अन्य अगले दिन करेंगे। लोकनाथ गौड़ ने बताया कि रूस, यूक्रेन, जर्मनी, इटली, अफ्रीका सहित कई देशों से श्रद्धालुओं शामिल हैं। विदेशी श्रद्धालु भारतीय वेशभूषा धारण कर पिंडदान किया इसमें रूस, जर्मनी, इटली, यूक्रेन, घाना और लातविया सहित विभिन्न देशों के श्रद्धालु शामिल हैं।

यूक्रेन से आई विदेशी श्रद्धालुओं अलेक्जेंड्रा ने कहा कि मैं यहां आकर काफी सौभाग्यशाली मान रहे हैं। गयाजी में आकर पिंडदान तर्पण किया जैसा मैं यहां के बारे में सुना और नजदीक से देखा और समझा पूजा अर्चना की इससे मुझे काफी अच्छा अनुभव हुआ। गयाजी में आकर मन को शांति मिला। मैं वैसे भी भारतीय कल्चर को अच्छा मानती हूं और पसंद करती हूं। इसीलिए मैंने साड़ी पहन कर पूजा अर्चना की और कर्मकांड के साथ विधिवत मंत्र उच्चारण कर पुरखों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान किया।’

पुजारी लोकनाथ गौड़ ने कहा 22 विदेशी श्रद्धालुओं ने अपने पितरों की मोक्ष प्राप्ति के लिए गयाजी में पिंड का तर्पण किया। फ्रांस, यूक्रेन, इटली, रूस समेत कई देशों से श्रद्धालु पावन नगरी गयाजी में पिंडदान करने आए हैं। गयाजी के पवित्र धाम में सहयोग मिल रहा है और प्रशासन का भी सहयोग मिल रहा है। कुल 48 विदेशी लोग दुनिया के कोने-कोने देश से आए हैं। तीन ग्रुप में इन लोगों का पिंडदान और तर्पण कराया जाएगा। एक ग्रुप का पिंडदान और तर्पण संपन्न हो गया। बाकी दो ग्रुप कल पिंडदान करेंगे। इसमें किसी ने पति का, किसी ने बहन का, किसी ने भाई को तो किसी ने माता-पिता के लिए पिंडदान तर्पण किया।

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