वायनाड। केरल के भूस्खलन प्रभावित वायनाड जिले में मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए बुधवार सुबह बचाव अभियान फिर शुरू किया गया। इस बीच, प्राधिकारी भूस्खलन के बाद लापता लोगों की संख्या आंकने के लिए डेटा एकत्र कर रहे हैं। जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बुधवार सुबह संवाददाताओं को बताया कि जिला आपातकालीन संचालन केंद्र की एक विशेष टीम भूस्खलन से पहले इलाके में रह रहे नागरिकों, इस हादसे के बाद मिले लोगों और लापता लोगों की संख्या का पता लगाने के लिए डेटा जुटा रही है।

अधिकारी ने कहा कि राशन कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेजों के विश्लेषण के जरिये इलाके में रहने वाले लोगों से जुड़ा डेटा एकत्र किया जा रहा है। वायनाड के कई परिवारों ने भूस्खलन के बाद उनके प्रियजनों के लापता होने की जानकारी दी है। अधिकारी के मुताबिक, सरकार ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाने, घायलों को चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने और अन्य लोगों को सुरक्षित इलाकों में स्थानांतरित करने को प्राथमिकता दे रही है।

उन्होंने बताया कि वायनाड में 45 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जिनमें 3,069 लोग रह रहे हैं। इस बीच, बचाव एजेंसियों ने मलबे में अभी भी फंसे लोगों का पता लगाने के लिए सुबह अपना तलाश अभियान फिर से शुरू किया। वायनाड में मंगलवार तड़के भूस्खलन की चपेट में आने से कम से कम 151 लोगों की मौत हो गई और 186 घायल हो गए।

कई लोगों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है, ऐसे में मृतकों की संख्या में इजाफा हो सकता है। वायनाड उत्तरी केरल का एक पहाड़ी जिला है, जो अपने हरे-भरे जंगलों, सुंदर वादियों और मनोरम झरनों के लिए जाना जाता है।

राहुल गांधी-प्रियंका गांधी ने रद्द किया दौरा
खराब मौसम की वजह से राहुल गांधी का वायनाड दौरा स्थगित हो गया है। उन्होंने इस मामले की जानकारी खुद सोशल मीडिया पर दी। उन्होंने कहा कि ‘प्रियंका और मैं भूस्खलन से प्रभावित परिवारों से मिलने और स्थिति का जायजा लेने के लिए वायनाड जाने वाले थे। हालांकि लगातार बारिश और प्रतिकूल मौसम की स्थिति के कारण हमें अधिकारियों द्वारा सूचित किया गया है कि हम उतर नहीं पाएंगे.। मैं वायनाड के लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम जल्द से जल्द दौरा करेंगे।

मलबे में दबे लोगों को खोजने का काम जारी
सेना, नौसेना, वायुसेना, एनडीआरएफ, पुलिस और अग्निशमन दल सहित बचाव दल खराब मौसम के बीच जीवित बचे लोगों को खोजने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। कयाकिंग, कोराकल बोटिंग और ट्रैकिंग जैसी पर्यटन गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। सोमवार तक शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा भी प्रतिबंधित रहेगी।

रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी टीमें
केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) के अनुसार, अग्निशमन और बचाव दल, नागरिक सुरक्षा, NDRF और स्थानीय आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमें बचाव अभियान में लगी हुई हैं। डीएससी सेंटर कन्नूर से लगभग 200 भारतीय सेना के जवान और कोझिकोड से 122 TA बटालियन भी मौके पर मौजूद हैं। इसके साथ ही, दो वायु सेना के हेलीकॉप्टर, एक Mi-17 और एक ALH, भी बचाव अभियान में समन्वय कर रहे हैं। वायनाड के विभिन्न अस्पतालों में 120 से अधिक घायलों का इलाज चल रहा है। केरल के स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज के अनुसार, 116 शवों का पोस्टमॉर्टम पूरा हो चुका है।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने वायनाड और पड़ोसी जिलों में ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है, जिसमें 31 जुलाई और 1 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने 2 अगस्त के लिए भी भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। वहीं आपदा और लगातार बारिश को देखते हुए, सभी शिक्षण संस्थान बुधवार, 31 जुलाई को बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए। कासरगोड, कन्नूर, कोझिकोड, वायनाड, मलप्पुरम, पलक्कड़, त्रिशूर, इडुक्की, एर्नाकुलम, अलप्पुझा और पठानमथिट्टा में भी छुट्टी घोषित की गई है।

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