रांची। राज्य सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में कई बड़े बदलावों का निर्णय लिया है। प्रदेश के विद्यालयों में कार्यरत माध्यमिक शिक्षकों के 8900 पदों को प्रत्यर्पित (सरेंडर) करने का निर्णय लिया गया है तो दूसरी ओर, राज्य में 1373 माध्यमिक आचार्य नियुक्त होंगे। कैबिनेट ने इसके साथ ही नई शिक्षा नीति के तहत ग्रासरूट इंटर्नशिप योजना लागू करने का निर्णय लिया है। इससे छात्रों को जमीनी अनुभव मिलेगा। इसके तहत कॉलेज में पढ़नेवाले 17,380 छात्र-छात्राओं को गांव में इंटर्नशिप करने का मौका मिलेगा। राज्य के 4360 पंचायत में ग्रासरूट इनोवेशन के लिए इंटर्नशिप कराने की तैयारी की गई है।

इंटर्नशिप करने वाले छात्रों को दो किस्तों में दस हजार रुपये की छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में कुल 14 प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान कर दी गई।

हेमंत सोरेन जाएंगे स्पेन और स्वीडन : इसके तहत मुख्यमंत्री के स्पेन और स्वीडन यात्रा को लेकर भी कैबिनेट की मुहर लग गई है। झारखंड में निवेश को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री इन दो देशों में अपनी टीम के साथ जाएंगे।

कैबिनेट के सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में झारखंड में हाई स्कूलों के 8900 माध्यमिक शिक्षकों के पदों के सरेंडर पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। इसके साथ ही 1373 माध्यमिक आचार्य पदों के पदसृजन को लेकर भी कैबिनेट ने सहमति दी है। कैबिनेट ने हाई स्कूलों के खाली पड़े 9470 में 8650 पद और प्लस टू स्कूल के 797 में 250 पदों को खत्म करने (प्रत्यर्पण) की स्वीकृति दी गई। साथ ही, सरकारी 510 प्लस टू विद्यालयों में माध्यमिक सहायक आचार्य के पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।
राज्य सरकार ने राजनीति शास्त्र के 221, समाजशास्त्र के 159, मनोविज्ञान के 53, मानव शास्त्र के 21, दर्शनशास्त्र के 19, गृह विज्ञान के 96, भूगर्भ शास्त्र के 32, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं कोडिंग के 54, साइबर सिक्योरिटी एवं डाटा साइंस के 54, कंप्यूटर साइंस के 131, अप्लाइड इंग्लिश के 54, उर्दू के 92, संथाली के 83, बांग्ला के 25 मुंडारी के 16, हो के 26, कुड़ुख के 24, कुरमाली के 10, नागपुरी के 21, पंचपरगनिया के 10, खोरठा के 18, उड़िया के चार और विशेष आचार्य के 150 पद सृजित किये गये हैं। इन्हें 9300 से 34,800 का वेतनमान और 4200 का ग्रेड पे मिलेगा।

बीमा योजना से सुधरेगी अस्पतालों की स्थिति : सरकारी कर्मियों के लिए राज्य सरकार के द्वारा लागू स्वास्थ्य बीमा योजना के अलावा मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना एवं आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सूचीबद्ध निजी एव सरकारी अस्पतालों में निर्धारित पैकेज के अनुसार इलाज के बाद क्लेम की राशि मिलती है। इसी क्लेम की राशि से सरकारी अस्पतालों में अधिकतम क्लेम की राशि प्राप्त कर अस्पतालों के कायाकल्प की तैयारी की गई है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयार मार्गदर्शिका को कैबिनेट से स्वीकृति मिल गई है। तैयारियों के अनुसार क्लेम के आधार पर 15 प्रतिशत राशि प्रोत्साहन राशि के रूप में चिकित्सकों से लेकर कर्मियों तक पर खर्च की जाएगी।


वहीं 85 प्रतिशत राशि का इस्तेमाल अस्पतालों के संसाधनों को बढ़ाने, रखरखाव, दवा, कंसल्टेंसी आदि पर खर्च करने में होगा।
बीमा योजनाओं के अंतर्गत सरकारी अस्पतालों को अगले तीन वर्ष में कम से कम 50 हजार रुपये प्रति बेड की औसत दर से क्लेम की राशि उपार्जित करने का निर्देश पहले ही दिया गया है। रांची सदर अस्पताल प्रति बेड के हिसाब से 44188 रुपये प्रति माह की कमाई कर रहा है। इसी प्रकार कोडरमा सदर अस्पताल की कमाई 28320 रुपये प्रति माह है।

हाई स्पीड डीजल पर वैट की दरों में कमी के बावजूद होगी 500 करोड़ की कमाई : झारखंड में वैट की की प्राप्ति में वृद्धि के उद्देश्य से झारखंड मूल्यवर्धित कर अधिनियम, 2005 की धारा-57 (1) के आलोक में खनन एवं औद्योगिक कार्यों के लिए निबंधित डीलरों के द्वारा हाई स्पीड डीजल के राज्य के अंन्तर्गत थोक खरीदारी पर वैट की दरों में कमी करने का निर्णय लिया गया है।
इससे राज्य में इन उत्पादों पर वैट की दर को 22 प्रतिशत से कम कर 15 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है। इससे झारखंड में व्यवसाय बढ़ेगा और सरकार को राजस्व में बढ़ोतरी का अवसर मिलेगा।

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