
रांची। एनआईए विशेष न्यायाधीश अभिमन्यु कुमार की अदालत ने चतरा के मगध और आम्रपाली कोल परियोजना से जुड़े अवैध फंडिंग और लेवी वसूली मामले में बुधवार को निर्णय सुनाया है। अदालत ने टीपीसी के सक्रिय सदस्य बिंदुश्वर गंझू सहित 12 अभियुक्तों को दोषी करार दिया। जबकि अजीत कुमार ठाकुर को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।दोषी करार अभियुक्तों को जेल भेज दिया गया। दोषियों की सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 18 अगस्त की तिथि निर्धारित की गई है। मामले में ट्रायल फेस कर रहा आरोपित टीपीसी के क्षेत्रीय कमांडर रवींद्र गंझू की फाइल अलग कर दी गई है। जबकि मामले में भीखन गंझू उर्फ दीपक गंझू, अनिश्चय गंझू, मुकेश गंझू उर्फ मुनेश्वर गंझू और अमर कुमार भोक्ता उर्फ कोहराम पूर्व से ही जेल में है।लेवी वसूली और टीपीसी को आर्थिक मदद का आरोप : मामले के आरोपों के अनुसार टीपीसी से जुड़े लोग मगध और आम्रपाली कोल क्षेत्र में ठेकेदारों, ट्रांसपोर्टरों, डीओ धारकों और कोयला कारोबारियों से लेवी वसूलता था। लेवी नहीं देने पर धमकी देने का भी आरोप था। वसूली गई रकम प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीपीसी को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए पहुंचाई जाती थी।

