
रांची। रांची में 301 करोड़ रुपये की लागत से पहली 10 लेन वाली सड़क बनेगी। यह सड़क धुर्वा के विवेकानंद स्कूल से नयासराय होते हुए रिंग रोड तक जाएगी। इससे शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात मिलेगी। सड़क का प्लान तैयार है और उसे तकनीकी मंजूरी भी मिल गई है। 10 लेन की सड़क आधुनिक तकनीक से बनेगी और ट्रैफिक मुक्त होगी। मुख्य मार्ग छह लेन का होगा। दोनों तरफ दो-दो लेन के सर्विस रोड बनेंगे। इन सर्विस रोड से स्थानीय इलाकों को जोड़ा जाएगा। वीआईपी और अन्य वाहनों के लिए अलग लेन होगी।
नई सड़क परियोजना रांची के ट्रैफिक सिस्टम को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। इससे शहर का विकास भी होगा। अभी इस रूट पर जो सड़क है, वह जगन्नाथपुर मंदिर और हाईकोर्ट से होकर जाती है। इसी सड़क को 10 लेन का बनाया जाएगा। मौजूदा सड़क लगभग फोरलेन की है, जिसे छह लेन का किया जाएगा। इसके अलावा दोनों ओर दो-दो लेन के सर्विस रोड जोड़े जाएँगे। यह सड़क सीआरपीएफ कैंप के आगे से दायें मुड़कर रिंग रोड से जुड़ जाएगी। सीआरपीएफ कैंप के आगे से यह सड़क पूरी तरह से नई बनेगी, जिसे ग्रीन फील्ड प्रोजेक्ट कहते हैं।
इस 10 लेन वाली सड़क से कई फायदे होंगे। सबसे बड़ा फायदा तो ट्रैफिक जाम से छुटकारा होगा। लोगों को आने-जाने में आसानी होगी। समय की भी बचत होगी। इससे शहर के विकास को भी गति मिलेगी। नए व्यवसाय शुरू होंगे और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। यह सड़क शहर की खूबसूरती में भी चार चाँद लगाएगी। आधुनिक तकनीक से बनने वाली यह सड़क शहर के लोगों के लिए एक बड़ी सौगात होगी।
इस सड़क के निर्माण में लगभग 301 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह एक बड़ी राशि है, लेकिन इससे होने वाले फायदों को देखते हुए यह खर्च जायज है। इससे शहर का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा और लोगों का जीवन स्तर सुधरेगा। डीपीआर तैयार हो चुका है और तकनीकी मंजूरी भी मिल गई है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
यह सड़क रांची शहर के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी। यह शहर के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण निवेश है। इससे आने वाले कई सालों तक शहर के लोगों को फायदा मिलेगा। यह सड़क रांची के विकास की गाथा में एक नया अध्याय जोड़ेगी। इससे रांची एक आधुनिक और विकसित शहर के रूप में उभरेगी।
