रांची। जेपीएससी मेधा घोटाला मामले में सीआईडी थाना कांड संख्या 16/2026 दर्ज कर पूरे मामले की जांच कर रही सीआइडी ने रविवार को रांची व हजारीबाग के दो कोचिंग संचालकों में तलाशी अभियान चलाई और कांड से जुड़े साक्ष्य को भी जुटाई।सीआईडी की टीम ने रांची में लालपुर स्थित शिवांगन की पाठशाला व उसके निदेशक, संचालक संजीत कुमार के रातू रोड स्थित आवास में दबिश दी। इसके अलावा हजारीबाग जिले के मेघा कोचिंग सेंटर में भी दस्तावेज की जांच पड़ताल की है। जांच के क्रम में संबंधित ठिकानों से सबूत के तौर पर कुछ दस्तावेज को भी एकत्रित किया गया है। इन कोचिंग संस्थानों व उससे जुड़े संचालकों, निदेशकों पर जेपीएससी की परीक्षाओं में सेटिंग कराने, ओएमआर शीट में हेराफेरी कराने, अभ्यर्थियों को पास कराने का आरोप है।

जेपीएससी मेधा घोटाला मामले की जांच के क्रम में सीआईडी ने जेपीएससी में सेटिंग कराने वाले एजेंट्स व कुछ अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार एजेंट्स व अभ्यर्थियों ने ही सीआइडी को पूछताछ में इन कोचिंग संस्थानों की भूमिका संदिग्ध मिली है। सीआईडी अब इन कोचिंग संस्थानों की भूमिका का सत्यापन कर रही है। छानबीन में यह भी खुलासा हो चुका है कि परीक्षा में पेपर लीक भी हुए, ओएमआर शीट में हेराफेरी भी हुई, परीक्षा हाल से बाहर भी प्रश्नों के उत्तर हल किए गए। इन सभी बिंदुओं पर सीआइडी की पड़ताल जारी है।

जेएसएससी केस में मास्टरमाइंड सहित तीनों आरोपितों से दूसरे दिन भी पूछताछ : झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में हेराफेरी कर नौकरी लेने वाले मास्टरमाइंड सह परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी सहित तीनों आरोपितों से सीआईडी की एसआईटी ने रिमांड पर लगातार दूसरे दिन भी पूछताछ की। जिनसे पूछताछ की गई है, उनमें अभय तिवारी के अलावा उसकी पत्नी सुषमा कुमारी व भाई अक्षय तिवारी शामिल हैं। सीआइडी इन सभी आरोपितों से जेएसएससी की परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वाले सिंडिकेट के बारे में जानकारी जुटा रही है। परीक्षा कैसे पास की, किसने मदद की, कितनी राशि खर्च हुई, कहां और कैसे भुगतान किया, प्रश्न पत्र लीक कैसे किया गया, कैसे प्रश्नों का जवाब दिए आदि-आदि। इन सभी बिंदुओं पर आरोपितों से पूछताछ जारी है।

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