नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि श्री हरिकोटा से साल में भर में उतनी लॉन्चिंग नहीं होती, जितनी कांग्रेस वाले अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग करते हैं। कांग्रेस को जो करना है करे, लेकिन भारत की प्रतिष्ठा और उपलब्धियों को कटघरे में खड़ा कर रही है। अंगूर उसके लिए इतने खट्टे हैं कि वह अंगूर की बेल ही काटने में लग गई है। कांग्रेस का यह परिवार ही उसे खत्म करने में जुटा है। कांग्रेस के इस रवैये का नुकसान सरकार को ईमानदार आलोचकों को भी होता है। ईमानदार आलोचकों को इससे बहुत नुकसान हो रहा है. जो लोकतांत्रिक तरीके से सरकार के खिलाफ अपनी बात रखना चाहते हैं, उनकी बात भी कांग्रेस के शोर में खो जाती है । उन ईमानदार आलोचकों की आवाज दब जाती है, जो लोकतंत्र का भला चाहते हैं और देश का हित चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस संसद नहीं चलने देती है, क्योंकि दूसरों को मौका नहीं मिल जाए क्योंकि कांग्रेस में सिर्फ लाइमलाइट में केवल एक को ही रखना है। ऐसा करके विपक्ष के कई सांसदों के साथ कांग्रेस अन्याय करती है, ऐसे आंदोलन जो सरकार की कमियों को बताना चाहते हैं, जो वाकई सिस्टम में सुधार करना चाहते हैं. लेकिन कांग्रेस उन्हें भी तबाह कर देती है। कांग्रस परजीवी बन गई है जो किसी को आगे नहीं बढ़ने देती है, दिमागी नक्सलियों ने कांग्रेस पर इस तरह कब्जा कर लिया है, जिसमें कांग्रेस ने सोचने की क्षमता ही खो दी है, जो जंगलों में विनाश करते थे वो कांग्रेस में घुसकर अब देश का विनाश करने पर तुली है।

दुनिया नए ऑर्डर की तलाश में, कुछ लोग भारत में डिस-ऑर्डर चाहते हैं : प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया जहां नए ऑर्डर की तलाश में है, कुछ लोग भारत में डिस-ऑर्डर के सपने देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया में मौजूदा अव्यवस्था के बीच मजबूत भारत की तस्वीर दुनिया के सामने जानी चाहिए, लेकिन कुछ लोग देश की प्रतिष्ठा को मिट्टी में मिलाने पर तुले हैं। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता विदेशों में जाकर भारत को बदनाम करते हैं और विदेशियों से दखल देने की अपील करते हैं। पीएम मोदी ने दावा किया कि कांग्रेस का परिवार पार्टी पर बोझ बन चुका है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी इस बात को समझते हैं और अकेले में उनसे यह कहते हैं, लेकिन अपमान सहकर चुप रहते हैं।

‘कांग्रेस के शोर में ईमानदार आलोचकों की आवाज दब जाती है : प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के इस रवैये से सरकार की आलोचना करने वाले ईमानदार लोगों को भी नुकसान होता है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए बड़ा नुकसान बताया। पीएम मोदी ने कहा, जो लोग लोकतांत्रिक तरीके से सरकार की कमियां सामने रखना चाहते हैं, उनकी आवाज कांग्रेस के शोर में दब जाती है। उन्होंने कहा कि देश का हित चाहने वाले और सरकार के कट्टर विरोधी लोगों को भी अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाता। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के हंगामे के कारण संसद में विपक्ष के युवा सांसदों को भी अपनी बात रखने और सरकार की आलोचना करने का मौका नहीं मिलता।

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‘दिमागी नक्सलियों ने कांग्रेस की सोच पर कब्जा कर लिया है : प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में ऐसे आंदोलन जरूरी हैं, जो सरकार की कमियों को उजागर करें और व्यवस्था में सुधार की मांग करें। लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ऐसे आंदोलनों को भी नुकसान पहुंचाती है। मोदी ने कांग्रेस को ‘परजीवी’ बताते हुए कहा कि वह किसी दूसरे को आगे नहीं बढ़ने देना चाहती। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘दिमागी नक्सलियों’ ने कांग्रेस की सोच पर कब्जा कर लिया है और पार्टी ने खुद सोचने की क्षमता खो दी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जो लोग पहले जंगलों में विनाश करते थे, वे अब कांग्रेस में घुसकर देश का सर्वनाश करने पर तुले हैं।

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