
रांची। झारखंड सरकार के विभिन्न विभागों में नियुक्ति के लिए जारी विज्ञापनों को रद करने के फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं पर झारखंड हाई कोर्ट में सोमवार को सुनवाई होगी। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने सभी संबंधित याचिकाओं को एक साथ सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। इन विज्ञापनों के माध्यम से सरकार ने नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन अभी तक नियुक्ति नहीं हुई है। राज्य सरकार ने 18 अगस्त को अधिसूचना जारी कर 22 परीक्षाओं को रद करने, छह परीक्षाओं की प्रक्रिया स्थगित करने और 17 परीक्षाओं को जांच के दायरे में रखने का निर्णय लिया था।



सरकार के इस फैसले में ऐसे विज्ञापन भी शामिल हैं, जिनके आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी, लेकिन अब तक नियुक्तियां नहीं हुई थीं। सरकार के फैसले के खिलाफ कई अभ्यर्थियों और अन्य प्रार्थियों ने हाई कोर्ट में याचिकाएं दाखिल की हैं।
याचिकाकर्ताओं की ओर से 20 अगस्त को अदालत से इन मामलों पर शीघ्र सुनवाई का आग्रह किया गया था। इसके बाद अदालत ने सभी याचिकाओं को एक साथ सुनवाई के लिए 24 अगस्त की तिथि निर्धारित की। जेपीएससी की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 और सीजीएल परीक्षा में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर भी सुप्रीम कोर्ट में 24 अगस्त को सुनवाई होगी। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ करेगी। सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन ने अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत के माध्यम से यह याचिका दाखिल की है।

