
नई दिल्ली। भारतीय सोशल सुपर-ऐप ZKTOR ने दक्षिण एशिया में 10 लाख से अधिक यूजर्स का आंकड़ा पार कर लिया है। कंपनी के अनुसार, ZKTOR पिछले कुछ महीनों से Google Play Store की Top Free Social Apps की सूची में भारत में टॉप-100 और नेपाल, बांग्लादेश व श्रीलंका में टॉप-30 में अपनी मौजूदगी बनाए हुए है। कंपनी इसे दक्षिण एशिया में बढ़ती पहुंच का संकेत बता रही है।
ZKTOR का दावा है कि उसकी Privacy and Data Safety by Design नीति, Zero Behavioural Tracking और यूजर की पसंद के अनुसार चलने वाली फीड इसे खास बनाती है। कंपनी के मुताबिक, प्लेटफॉर्म पर बिना यूजर की गतिविधियों को ट्रैक किए लोकल विज्ञापन दिखाने की व्यवस्था विकसित की गई है। वहीं, क्रिएटर्स के लिए पेज, चैनल और कंटेंट के जरिए कमाई का मॉडल पेश किया गया है, जिसमें कंपनी 70 फीसदी शेयर देने की बात कहती है।
AI तकनीक से कंटेंट की निगरानी
कंपनी के अनुसार, HOLA AI की Video Detection Layer (VDL) असामाजिक और एडल्ट कंटेंट के साथ फेक न्यूज को फिल्टर करने में मदद करती है। ZKTOR में Zero Knowledge Server Architecture और मल्टी-लेयर एन्क्रिप्शन का इस्तेमाल डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी के लिए किया गया है। कंपनी का कहना है कि लोकल डेटा सेंटर की व्यवस्था के जरिए संबंधित देशों में यूजर्स का डेटा वहीं रखने का विकल्प उपलब्ध कराया जा रहा है।
विदेशी VC फंडिंग से दूरी
सॉफ्टा के सीईओ सुनील कुमार सिंह के अनुसार, ZKTOR के निर्माण के लिए भारत सरकार, यूरोपीय संघ या फिनलैंड सरकार से किसी तरह का अनुदान नहीं लिया गया है। कंपनी ने विदेशी वेंचर कैपिटल से फंड लेने से भी दूरी बनाए रखी है। हालांकि, सिंह ने स्पष्ट किया कि कंपनी निवेश के खिलाफ नहीं है। उनके मुताबिक, इस रणनीति का उद्देश्य बाहरी दबाव और जल्द मुनाफा कमाने की मजबूरी से बचते हुए यूजर डेटा और प्राइवेसी से समझौता न करना है।
ISRO से प्रेरित लो-कॉस्ट ऑपरेटिंग मॉडल
सिंह के नेतृत्व में कंपनी ने कम लागत में बड़े स्तर पर टेक्नोलॉजी संचालन के लिए ISRO से प्रेरित लो-कॉस्ट ऑपरेटिंग मॉडल तैयार किया है। सिंह के अनुसार, इस मॉडल की मदद से कंपनी बिग टेक कंपनियों की तुलना में 7 से 8 गुना कम लागत में संचालन करने में सक्षम है। कंपनी इसे लंबे समय तक टिकाऊ कारोबार और आत्मनिर्भर तकनीकी मॉडल की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानती है।
एक ही इकोसिस्टम में कई डिजिटल प्लेटफॉर्म
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में मीडिया के सामने सॉफ्टा के डिजिटल इकोसिस्टम को पेश किया गया। इसमें सोशल सुपर-ऐप ZKTOR, एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेंजर SNDESH, साक्ष्य-आधारित सर्च इंजन KHOZU.com, हाइपरलोकल ई-कॉमर्स मॉडल EZOWM और MSME के लिए ऑल-इन-वन बिजनेस सूट ZWATO शामिल हैं।
इसके अलावा ZHAN (ZKTOR Hyperlocal Advertisement Network) के जरिए प्राइवेसी आधारित डिजिटल विज्ञापन मॉडल पेश किया गया है। कंपनी के अनुसार, इन सभी प्लेटफॉर्म का साझा आधार Privacy and Data Safety by Design है।
12 साल के शोध के बाद दक्षिण एशिया में विस्तार
सॉफ्टा के अनुसार, इस डिजिटल इकोसिस्टम को तैयार करने में सुनील कुमार सिंह ने करीब 12 वर्षों तक शोध और काम किया। अब कंपनी दक्षिण एशिया के बाजार में अपने विस्तार पर जोर दे रही है। ZKTOR के 10 लाख से अधिक यूजर्स तक पहुंचने को कंपनी इस विस्तार की दिशा में एक अहम पड़ाव मान रही है।
सिंह के मुताबिक, उनका लक्ष्य प्राइवेसी आधारित तकनीक के जरिए सुरक्षित और सम्मानजनक इंटरनेट इकोसिस्टम तैयार करना तथा भारत की स्थानीय तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करना है। कंपनी अपने क्षेत्रीय विस्तार को भारत की तकनीकी क्षमता और डिजिटल आत्मनिर्भरता से भी जोड़कर देख रही है।

