
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में परिसीमन और महिलाओं को आरक्षण देने से जुड़े विधेयक को पारित नहीं करा पाने के लिए देश की महिलाओं से माफी मांगी। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक और सपा ने सरकार के ईमानदारी भरे प्रयास की भ्रूण हत्या कर दी है। उन्होंने कहा कि नारी अपना अपमान कभी नहीं भूलती और वह इन पार्टियों को सबक सिखाएगी। उल्लेखनीय है कि कल लोकसभा में संविधान का 131वां संशोधन विधेयक दो तिहाई बहुमत के अभाव के कारण पारित नहीं हो सका।इसी को लेकर प्रधानमंत्री ने आज राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा कि कुछ लोग इसे सरकार की नाकामयाबी बता रहे हैं, लेकिन विषय क्रेडिट लेने का नहीं था। भले ही हमारे पास दो तिहाई बहुमत नहीं था, परंतु देश की शत प्रतिशत महिलाएं हमारे साथ हैं। केवल वक्त का इंतजार है। हमारे पास संख्या बल नहीं था पर आत्म बल हमारा अजय है। हम अपना संकल्प पूरा करेंगे। वे जानते हैं की माता-बहन आज दुखी हैं, लेकिन हमारा हौसला बुलंद और इरादा मजबूत है।प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पार्टी को रिफॉर्म विरोधी पार्टी बताया और कहा कि भ्रम और झूठ फैलाकर वह नकारात्मक राजनीति करती है। कांग्रेस पार्टी ने अंग्रेजों से विरासत में फूट डालो और राज करो की नीति सीखी है। इस कारण से परिसीमन के नाम पर उत्तर दक्षिण से जुड़ा फूट डालने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल विधेयक को पारित करने की नहीं बल्कि कांग्रेस की एंटी रिफॉर्म मानसिकता से थी। विधेयक का विरोध कर कांग्रेस ने असल में क्षेत्रीय दलों के भविष्य को अंधकार में डालने का काम किया है।प्रधानमंत्री ने कहा कि द्रमुक और तृणमूल कांग्रेस ने उस ऐतिहासिक अवसर को गंवा दिया जिससे वह अपने राज्य के लोगों को अधिक प्रतिनिधित्व दिला सकते थे। तमिलनाडु के सांसद और विधायकों की संख्या इस रिफॉर्म से बढ़ती। समाजवादी पार्टी के पास अपनी महिला विरोधी छवि से जुड़े दाग को कम करने का अवसर था लेकिन इस विधेयक का विरोध करके उन्होंने लोहिया जी के सपनों को पैरों तले रौंद दिया है। उन्होंने कहा कि परिवारवादी पार्टियां असल में अपने परिवार से बाहर की महिलाओं को राजनीति में स्थान देने नहीं चाहती। इसलिए उन्होंने मिलकर इस विधेयक का विरोध किया।

