
रांची। नामकुम थाना क्षेत्र के जामुन टोली में 2022 में डायन-बिसाही के शक में हुई महिला की हत्या के मामले में अपर न्याययुक्त अमित शेखर की अदालत ने आरोपी बाशो देवी को दोषी करार दिया है। अदालत अब 25 जून को सजा के बिंदु पर सुनवाई करेगी। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल नौ गवाहों की गवाही दर्ज की गई। घटना 23 जुलाई 2022 की सुबह करीब 5 बजे की है। उस दिन सीमा देवी अपने घर के पास चापाकल पर बर्तन धो रही थीं, तभी आरोपित बाशो देवी ने उन पर डायन-बिसाही के शक में हमला कर दिया। आरोपित ने सीमा देवी के सिर पर कई बार वार किया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
प्राथमिकी के अनुसार, यह मामला केवल अंधविश्वास तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके पीछे जमीन विवाद की पृष्ठभूमि भी सामने आई है। मृतका के पति चामू लोहरा के परिवार से जुड़े जमीन विवाद को लेकर लंबे समय से तनाव की स्थिति बताई जाती है। आरोप है कि जमीन पर कब्जे की नीयत से मृतका को पहले भी डायन-बिसाही का आरोप लगाकर प्रताड़ित किया जाता था और उसके साथ मारपीट की घटनाएं भी हुई थीं।
बताया गया है कि मृतका के पति चामू लोहरा के भाई जीतराम लोहरा की मृत्यु वर्ष 2012 में हो गई थी, जबकि उसके दो वर्ष बाद जीतराम लोहरा के एकलौते पुत्र कृष्णा लोहरा की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद परिवार में निसंतान दंपति होने के कारण संपत्ति को लेकर विवाद और भी गहरा गया था। हत्या की इस वारदात के बाद नामकुम पुलिस ने नौ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। हालांकि, जांच के बाद अदालत में चार्जशीट केवल एक आरोपित बाशो देवी उर्फ बसंती देवी के खिलाफ दाखिल की गई। मामले के सूचक मृतका के पति चामू लोहरा हैं।
