
पटना। जदयू के मुख्य प्रवक्ता एवं विधान पार्षद नीरज कुमार ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव द्वारा बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव को पार्टी और परिवार से निष्कासन पर पूछा है कि तेज प्रताप को परिवार और पार्टी से अलग करने के पीछे राजनीतिक दांव-पेंच क्या है? उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद नैतिक मूल्यों और परिवारिक संस्कार की बात कर रहे हैं तो मैं उनसे पूछता हूं कि जब पूर्व मुख्यमंत्री दरोगा प्रसाद राय की पोती ऐश्वर्या राय के साथ दुर्व्यवहार हो रहा था तब आपका और आपके परिवार का संस्कार कहां गया था? क्या यही बेटियों का सम्मान है लालू परिवार में?



विधान पार्षद नीरज कुमार ने लालू प्रसाद से पूछा है कि कहीं ऐश्वर्या राय द्वारा मुआवजे या वैवाहिक अधिकारों की मांग से बचने की चाल तो नहीं है? बिना तलाक दूसरी शादी तो कानूनन अमान्य है तो अनुष्का का क्या होगा? लालू प्रसाद कहते हैं कि तेज प्रताप अब परिवार का हिस्सा नहीं तो फिर तेजस्वी यादव बड़े भाई कैसे बता रहे हैं? यह कौन-सी नूरा कुश्ती है?
तेजस्वी बता रहे बड़े भाई : जदयू के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि लालू प्रसाद नैतिक मूल्यों और परिवारिक संस्कार की बात कर रहे हैं तो मैं उनसे पूछता हूं कि जब ऐश्वर्या राय के साथ दुर्व्यवहार हो रहा था, तब आपका और आपके परिवार का संस्कार कहां गया था? क्या यही बेटियों का सम्मान है लालू परिवार में? कहीं ऐश्वर्य राय द्वारा मुआवजे या वैवाहिक अधिकारों की मांग से बचने की चाल तो नहीं है? बिना तलाक दूसरी शादी तो कानूनन अमान्य है तो अनुष्का का क्या होगा? लालू कहते हैं कि तेजप्रताप अब परिवार का हिस्सा नहीं तो फिर तेजस्वी यादव बड़े भाई कैसे बता रहे हैं? यह कौन-सी नूराकुश्ती है?
36 करोड़ के मुआवजे से बचने का नाटक : वहीं, दूसरी ओर जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि लालू प्रसाद यादव द्वारा तेजप्रताप को पार्टी और परिवार से अलग करना केवल जनता को भ्रम में डालने का राजनीतिक खेल है। इसके पीछे ऐश्वर्या राय द्वारा तलाक केस में 36 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग है।
सांप भी मर जाए और लाठी भी ना टूटे : भाजपा ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री निखिल आनंद एक्स पर लिखते हैं कि लालूजी ने तेज प्रताप को पार्टी और घर से बाहर करके इतिश्री कर लिया यानी अपना पिंड छुड़ा लिया। अब यह सब इस अंदाज में किया-धरा लगता है कि सांप भी मर जाए और लाठी भी ना टूटे। इसे यूं समझें कि सबसे पहले लालूजी के परिवार और पार्टी में नेतृत्व-राजनीति के स्तर पर निरंतर का द्वंद व आसन्न संकट निपट गया। दूसरा, तेजप्रताप भी अपनी मनमर्जी शादी करके अपनी जिंदगी में खुश हो गया है और पार्टी एवं परिवार के प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष सहयोग से उनकी राजनीतिक दुकान भी चलती रहेगी। तीसरा, ऐश्वर्या राय प्रकरण में हुई लालू परिवार की बदनामी का ठीकरा भी अब तेजप्रताप के माथे शिफ्ट कर दिया गया है। अब एक एक्शन में सब सेटेल और लालूजी सपरिवार कुर्ता झाड़कर एकदम टाइट।
जीतन राम मांझी ने कसा तंज : जीतन राम मांझी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि मर्यादा और संस्कार की बात करने वाले लालूजी जब राबड़ी देवी ने ऐश्वर्या को बेरहमी से मारकर घर से निकाल दिया था तो उस वक्त आपके संस्कार क्यों नहीं जागें?ऐश्वर्या को मारकर घर से बाहर निकालने वालों को आप परिवार से अलग कर देते। पार्टी से निष्कासित करने का आदेश जारी कर देते तब न आपकी मर्यादा और संस्कार की बात मानी जाती।
राजद का यह चुनावी हथकंडा : भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने कहा कि लालू प्रसाद राजनीतिक लाभ के लिए कार्रवाई का नाटक कर रहे। राजद का यह चुनावी हथकंडा है। सब कुछ लालू-राबड़ी के कारण ही हो रहा है।अगर बचपन में समुचित संस्कार दिए होते तो संभवत: आज ऐसी स्थिति नहीं आती। लालू परिवार ने हमेशा तेजप्रताप यादव की गलतियों को ढकने का प्रयास किया। परिणाम आज समाज के सामने हैं।

