
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। दिल्ली जाकर उन्होंने इस्तीफा सौंपा है। उनके इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने आरएन रवि को राज्य के अंतरिम राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया है। रवि वर्तमान में तमिलनाडु के राज्यपाल हैं और अब वे उसी के साथ-साथ पश्चिम बंगाल का अंतरिम राज्यपाल भी संभालेंगे। यह नियुक्ति विधानसभा चुनावों से पहले की गई है, जिसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



आरएन रवि अपने कार्यकाल में केंद्रीय जांच ब्यूरो और खुफिया ब्यूरो (आईबी) में रह चुके हैं। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के साथ उनके लंबे समय से तनावपूर्ण संबंध रहे हैं। पिछले वर्ष स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्यपाल रवि के चाय-चक्र में शामिल न होने के स्टालिन सरकार के आदेश ने इसका संकेत दिया था। इसके अलावा, तमिलनाडु सरकार ने कुछ वर्ष पहले सुप्रीम कोर्ट में भी आरोप लगाया था कि रवि ने विधानसभा से पारित 10 बिलों पर हस्ताक्षर करने में विलंब किया। सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बाद 2025 की शुरुआत में उन्होंने बिलों पर हस्ताक्षर किया, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ।
इस नियुक्ति को चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल को देखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि रवि का तमिलनाडु में मुख्यमंत्री स्टालिन के साथ गतिरोध पहले ही व्यापक रूप से चर्चा में रहा है।
बोस के इस्तीफे पर भी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सवाल खड़ा किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि किसी राजनीतिक दबाव को पूरा नहीं कर पाने की वजह से उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया है।

