
रांची। मेसरा थाने की पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। पुलिस ने खुलासा किया है कि झारखंड में कुख्यात अपराधियों को पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से हथियारों की आपूर्ति की जा रही थी। इस मामले में पुलिस ने सुजीत सिन्हा गिरोह और प्रिंस खान गैंग के खतरनाक गठजोड़ का पर्दाफाश किया। रांची के सीनियर एसपी राकेश रंजन को सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी अपराध की योजना बना रहे है, जिसके बाद उन्होंने सदर डीएसपी संजीव बेसरा के नेतृत्व में टीम गठित किया। थाना प्रभारी कुलदीप कुमार, बीआइटी ओपी प्रभारी अजय कुमार दास ने मंगलवार रात चुट्टू ओवर ब्रिज से एक कार को पकड़ा। कार से हथियार बरामद किया। इसके बाद चार अपराधियों को पकड़ा। चारो की निशानदेही पर रिया सिन्हा को पकड़ा। सभी झारखंड और आसपास के राज्यों में रंगदारी, वसूली और भय का माहौल बना रहे थे। पुलिस के अनुसार, जेल में बंद गैंगस्टर सुजीत सिन्हा और विदेश में रहकर गिरोह को संचालित कर रहे प्रिंस खान ने एक दूसरे से हाथ मिला लिया था। जेल के बाहर यह नेटवर्क सुजीत सिन्हा की पत्नी रिया सिन्हा चला रही थी, जो गिरोह की गतिविधियों का पूरा संचालन करती थी।



संगठन को संभाल रही थी रिया सिन्हा : पुलिस ने बताया कि रांची और कोयलांचल क्षेत्र में हाल के दिनों में जो भी रंगदारी कॉल प्रिंस खान के नाम पर किए गए थे, वे इसी गठजोड़ का नतीजा थे। इतना ही नहीं, अपराधियों द्वारा गठित कोयलांचल शांति सेना नामक संगठन को भी रिया सिन्हा ही संभाल रही थी।
गिरफ्तार अपराधियों में इनामुल हक उर्फ बबलु खान, रवि आनंद उर्फ सिंघा, मो० शाहिद उर्फ अफरीदी खान, मो० सेराज उर्फ मदन और सुजीत सिन्हा की पत्नी रिया सिन्हा शामिल हैं। इनके पास से तीन पिस्टल, सात मैगजीन, 13 जिंदा गोली, एक टाटा सफारी कार, एक आईफोन और पांच एंड्रॉएड मोबाईल फोन बरामद किए गए हैं।
पाकिस्तान से जुड़ा हथियार कनेक्शन : रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि गहराई से पूछताछ करने पर गिरफ्तार व्यक्तियों के द्वारा बताया गया कि सुजीत सिन्हा तथा प्रिंस खान गैंग के पास हथियार और गोली पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से मोगा (पंजाब) के रास्ते आता है, उसी हथियार से रांची सहित देश के विभिन्न स्थानों पर बड़े-बड़े कारोबारियों, पूंजीपतियों एवं व्यवसायियों में दहशत फैलाकर रंगदारी की वसूली करते हैं।
रांची में इनामुल हक उर्फ बबलु खान अपने गुर्गों के साथ मिलकर सुजीत सिन्हा और प्रिंस खान के लिए लेवी वसूली का काम करते हैं। इन लोगों के द्वारा वसूली गयी राशि को सुजीत सिन्हा के गुर्गों की मदद से प्रिंस खान तक पहुंचाया जाता था, जिसे प्रिंस खान द्वारा यूएई के रास्ते पाकिस्तान भेज दिया जाता था. जिसका उपयोग अवैध हथियार की खरीदारी और अन्य अवैध कार्यों में पाकिस्तान में मौजूद उनके गुर्गों के द्वारा किया जाता है। रांची पुलिस अब इस अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने में जुटी है।

