पटना। फिल्म शोले के गीत महबूबा, महबूबा खूब गूंजा करता था, लेकिन लोकसभा चुनावों में बिहार की सड़कों पर अब सियासी महबूबा की गूंज सुनाई दे रही है। राजद नेता व बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग पर हमला बोला है। तेजस्वी ने कहा-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन महबूबा है- महंगाई गरीबी और बेरोजगारी, जिनसे वे बहुत प्यार करते हैं और इसी वजह से चुनाव हारेंगे। बीजेपी ने इस पर पलटवार करते हुए तेजस्वी की तीन महबूबा को सामने रख दिया है-वो है अपराध,भ्रष्टाचार और वंशवाद। ये तीनों महबूबा तेजस्वी को भेजेंगी।

बिहार की सड़कों पर चुनाव कैंपेन में महबूबा को लेकर बहस शुरू हो गई है। राजनीतिक दल अब एक दूसरे की महबूबा पर कटाक्ष कर रहे हैं और नई महबूबा को तलाश रहे हैं। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व चुनाव आयोग पर हमला बोला है। तेजस्वी ने कहा कि मोदी ध्यान के लिए कन्याकुमारी नहीं जा रहे हैं बल्कि मार्केटिंग के लिए जा रहे हैं। अगर वे ध्यान करने जा रहे हैं तो मीडिया और कैमरे पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए। ध्यान के दौरान मीडिया का क्या काम है?

यही नहीं तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग पर भी हमला बोला है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग से भरोसा उठ गया है। सभी लोगों ने आयोग से उम्मीद छोड़ दी है। चुनाव आयोग को बोलने का कोई मतलब नहीं है। चुनाव आयोग को बोल-बोल कर थक गए हैं। सुनता कोई नहीं है। जनता सब इस स्टंट को देख रही है। 4 जून को जनता सरकार को टाटा बाय-बाय कर देगी।

तेजस्वी के इस बयान पर बीजेपी ने पलटवार किया है। भाजपा प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि तेजस्वी की तीन महबूबा है-अपराध, भ्रष्टाचार और वंशवाद। ये तीनों इनके पिता लालू प्रसाद यादव की भी महबूबा रही हैं। तेजस्वी भी अपने इन तीन महबूबा के कारण जेल जाने वाले हैं।

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