
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के कई नेताओं का नाम लिए बिना उन पर करारा शाब्दिक प्रहार करते हुए कहा कि जिन लोगों के अंत:करण में तानाशाही और अधिनायकवादी भाव है वह विकास को पनपते हुए, आगे बढ़ते हुए नहीं देखना चाहते हैं। ऐसे लोग अपना और अपने परिवार का विकास चाहते हैं और इन लोगों को सबका साथ-सबका विकास स्वीकार्य नहीं है। ऐसी विचारधारा के लोगों ने 1975 में आपातकाल लागू कर मीडिया पर सेंसर लगाया था और आज भी समय-समय पर मीडिया के विरोध लेकर फतवे जारी करते रहते हैं।
रामगढ़ताल क्षेत्र स्थित एक होटल के सभागार मेंम योगी शनिवार सुबह एक प्रमुख मीडिया समूह के उत्सव अभिव्यक्ति का कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने खुद को परिवार तक सीमित रखा। अपना और परिवार का ही विकास किया। उन्होंने प्रदेश के समग्र विकास को प्राथमिकता नहीं दी। इसका नतीजा यह हुआ कि यूपी के नागरिकों के सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया। पिछली सरकारों में किसान आत्महत्या करने को मजबूर रहे, गरीब भूख से मरते रहे, महिलाओं और व्यापारियों को असुरक्षा का शिकार होना पड़ा था।
यूपी देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज डबल इंजन की सरकार में सबके कल्याण का मार्ग प्रशस्त करते हुए आज का उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था के लिए ग्रोथ इंजन के रूप में स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि 2017 के पहले तक यूपी को बीमारू राज्य और विकास में बैरियर माना जाता था, जबकि आज यह विरासत और विकास की शानदार यात्रा का एक बेहतरीन मॉडल बन गया है। सीएम ने कहा कि वर्ष 2017 तक आजादी के बाद की 70 सालों की यात्रा में यूपी की अर्थव्यवस्था 12.75 लाख करोड़ रुपये थी। जबकि डबल इंजन सरकार में महज 8 वर्ष में यूपी की अर्थव्यवस्था 30 लाख करोड़ रुपये की हो गई है। इसी प्रकार 2017 में प्रति व्यक्ति आय 46 हजार रुपये थी। यह बढ़कर 1.10 लाख रुपये हो गई है। विरासत के संरक्षण, जनकल्याण और विकास की यूपी की यात्रा निरंतर आगे बढ़ रही है।
सीएम योगी ने कहा कि अर्थव्यवस्था की सामान्य जानकारी रखने वालों को पता होगा कि जब देश आजाद हुआ था तब उत्तर प्रदेश टॉप की अर्थव्यवस्था था। लेकिन आजादी के बाद सरकारों के रवैये से इसकी अर्थव्यवस्था नीचे गिरती गई। 1947 से 50 के आसपास यूपी की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से अधिक थी। लेकिन 2017 में यह राष्ट्रीय औसत के एक तिहाई पर आ गई। 2017 से सरकार ने प्रयास शुरू किए तो आज उत्तर प्रदेश की पहचान देश की तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में 2017 के पूर्व एक एक्सप्रेस वे था जबकि आठ सालों में छह एक्सप्रेसवे बन गए हैं और सात पर काम चल रहा है। 2017 के पहले सिर्फ एक सिटी में मेट्रो ट्रेन थी, आज छह शहरों में मेट्रो की सेवा है। हाइवे का सबसे बड़ा नेटवर्क आज यूपी में है। इंटर स्टेट कनेक्टिविटी बेहतरीन है। पहली रैपिड रेल और पहले इनलैंड वाटरवे की सेवा यूपी ने शुरू की है।
मंत्री को लौटना पड़ा था बैरंग : सीएम योगी ने 2017 के पहले के उत्तर प्रदेश की चर्चा करते हुए कहा कि तब पहचान का संकट इस कदर था कि यूपी के कई जिलों के नाम पर बाहर धर्मशाला में कमरा तक नहीं मिलता था। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकार में यूपी के एक मंत्री विदेश दौरे पर गए थे। यूपी के नाम पर जांच-तलाशी के लिए एयरपोर्ट पर उन्हें नंगा करके खड़ा कर दिया गया। उन्हें बैरंग वापस आना पड़ा था।
-दो वर्ष में दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था होगा भारत : सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है। जब वह पीएम बने थे तब भारत दुनिया की 11वीं अर्थव्यवस्था है जबकि आज उनके नेतृत्व में पांचवीं अर्थव्यवस्था बन चुका है। अगले दो वर्ष में यह दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हो जाएगा। उन्होंने कहा कि आजादी के शताब्दी वर्ष 2047 तक पीएम मोदी ने विकसित और आत्मनिर्भर भारत की जो संकल्पना की है, उसके लिए सामने आने वाली चुनौतियों का सामना मिलकर करना होगा
