
नई दिल्ली। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में घोषणा की कि बिहार के मढ़ौरा में बने लोकोमोटिव (रेल इंजन) जल्द ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में भेजे जाएंगे। इसके साथ ही भारत आॅस्ट्रेलिया को मेट्रो कोच निर्यात कर रहा है, जबकि ब्रिटेन, सऊदी अरब, फ्रांस सहित अन्य देशों को भी रेल डिब्बों के महत्वपूर्ण उपकरण भेजे जा रहे हैं।



राज्यसभा में रेल मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा के दौरान वैष्णव ने बताया कि मढ़ौरा स्थित रेल कारखाने में बने लगभग 100 लोकोमोटिव जल्द ही निर्यात किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह वही कारखाना है, जिसकी घोषणा पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने की थी, लेकिन उस पर काम शुरू नहीं हुआ था। 2014 के बाद इस परियोजना को गति मिली और अब यह निर्यात के लिए तैयार है।
वैष्णव ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि जिस फैक्टरी की सिर्फ घोषणा हुई थी, उस पर 2014 से काम शुरू किया गया और अब वहां बने लोकोमोटिव दुनिया में जाने वाले हैं।’ उनकी इस घोषणा पर राज्यसभा सदस्यों ने तालियां बजाकर स्वागत किया।
रेल मंत्री ने बताया कि भारत आॅस्ट्रेलिया को मेट्रो कोच निर्यात करने के साथ ही विभिन्न देशों को रेल इंजन और डिब्बों के आवश्यक उपकरण भी भेज रहा है। उन्होंने इस उपलब्धि को भारतीय रेलवे के विकास और मेड इन इंडिया अभियान की सफलता के रूप में प्रस्तुत किया।
आर्थिक मजबूती और वैश्विक पहचान: वैष्णव ने कहा कि रेलवे के इस अंतरराष्ट्रीय विस्तार से भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और भारतीय निर्मित रेल उपकरणों की वैश्विक पहचान बढ़ेगी। उन्होंने इस अवसर पर भारतीय रेलवे की प्रगति पर भी चर्चा की और बताया कि अब देश अपनी जरूरतों के साथ-साथ अन्य देशों की आवश्यकताओं को भी पूरा कर रहा है।

