वाशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा है कि उन्होंने दो परमाणु पनडुब्बियों को उचित इलाकों में तैनात करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि यह कदम पूर्व रूसी राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव के भड़काऊ बयानों के बाद उठाया गया है. ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा, ‘शब्दों का सही इस्तेमाल बहुत जरूरी होता है और अकसर इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं. मुझे उम्मीद है कि यह दोबारा नहीं दोहराया जाएगा।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बड़ा फैसला लिया है जो पूरे यूरोप को हिला देने वाला है । उन्होंने कहा है कि रूस अपनी सबसे घातक हाइपरसोनिक मिसाइल ‘ओरेशनिक’ का निर्माण शुरू कर चुका है और साल के अंत में इसे बेलारूस में तैनात किया जाएगा।

बेलारूस की सीमा यूक्रेन के उत्तरी हिस्से से लगती है ।कई बार इस बार का खतरा जताया जा चुका है कि रूसी सेना इस इलाके से भी हमला कर सकती है. पुतिन की घोषणा कोई सामान्य सैन्य योजना नहीं, बल्कि पश्चिमी देशों और नाटो को भेजा गया एक गंभीर संदेश है. ये बात पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग के पास वलाम द्वीप पर बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको के साथ बैठकर कही। पुतिन ने बताया कि बेलारूस में पहले से ही तैनाती के लिए स्थान तय कर लिए गए हैं और तैयारियां तेजी से चल रही हैं ।

ओरेशनिक नाम सुन कांपता है यूरोप
रूस ने इस मिसाइल को पहली बार पिछले साल नवंबर में यूक्रेन के ड्नीप्रो शहर के एक पुराने मिसाइल कारखाने पर दागा था. उस वक्त इस ‘एक्सपेरिमेंटल हथियार’ को एक सर्जिकल स्ट्राइक की तरह इस्तेमाल किया गया. अब इसे ‘सर्विस में एंटर’ कर दिया गया है. इसकी स्पीड इतनी जबरदस्त है कि ये मैक 10 (आवाज की स्पीड से 10 गुना) पर वार कर सकता है और पुतिन के अनुसार, यह किसी भी एयर डिफेंस सिस्टम से बच निकलता है। इसकी सबसे खतरनाक बात ये पारंपरिक हमलों में भी इतना ताकतवर है कि इसका असर किसी परमाणु हमले जैसा हो सकता है।

ब्रह्मोस से कितनी ताकतवर?

रूस की नई ओरेशनिक मिसाइल और की तुलना अगर भारत की ब्रह्मोस से करें तो दोनों ही आधुनिक युद्ध तकनीक का उदाहरण हैं. हालांकि इनकी उद्देश्य और क्षमता अलग है. ओरेशनिक एक इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसकी रफ्तार मैक 10 तक होती है और यह कई वारहेड्स के साथ पूरे यूरोप को निशाना बना सकती है । वहीं ब्रह्मोस एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है, जो लगभग Mach 3 की स्पीड से 800 किमी तक सटीक हमला कर सकती है । जहां ओरेशनिक का इस्तेमाल रणनीतिक दबाव बनाने और बड़े इलाके को कवर करने के लिए किया जाता है, वहीं ब्रह्मोस को दुश्मन के जहाजों या अहम ठिकानों पर सटीक हमला करने के लिए डिजाइन किया गया है । दोनों मिसाइलें अपने-अपने मोर्चों पर बेहद घातक हैं, लेकिन उनकी तुलना करना वैसा ही है जैसे बंदूक और तोप को एक तराजू में तौलना।

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