वाशिंगटन। डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति निर्वाचित हुए। यह एक पूर्व राष्ट्रपति के लिए असाधारण वापसी है; जिन्होंने चार साल पहले पराजय स्वीकार करने से इनकार कर दिया था, अमेरिकी संसद परिसर में हिंसक विद्रोह को जन्म दिया था, जिन्हें आपराधिक आरोपों में दोषी ठहराया गया था और जो दो बार हत्या के प्रयासों से बच चुके हैं। विस्कोन्सिन में जीत के साथ ट्रंप ने राष्ट्रपति पद के लिए जरूरी 270 निर्वाचक मंडल वोट हासिल कर लिए। ट्रंप की यह जीत राजनीति के प्रति उनके खुलेपन को प्रमाणित करती है।

उन्होंने अपनी डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी कमला हैरिस पर व्यक्तिगत रूप से स्त्री-विरोधी और नस्लवादी शब्दों के साथ हमला किया था। उन्होंने अमेरिका की ऐसी तस्वीर पेश की जिसमें हिंसक प्रवासी बड़ी संख्या में हैं। इस कठोर बयानबाजी और अति-पुरुषत्व की छवि ने गहराई तक ध्रुवीकरण का शिकार इस देश में नाराज मतदाताओं खासतौर पर पुरुषों को प्रभावित किया। उन्होंने राष्ट्रपति के रूप में, संघीय सरकार को नया स्वरूप देने और अपने कथित दुश्मनों के खिलाफ प्रतिशोध लेने पर केंद्रित एजेंडा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है। बुधवार सुबह अपने समर्थकों से बात करते हुए, ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने एक अभूतपूर्व और शक्तिशाली जनादेश हासिल किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप की ऐतिहासिक जीत सुनिश्चित होने पर बुधवार को उन्हें बधाई दी और वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए साथ मिलकर काम करने का आह्वान किया।

मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि मेरे दोस्त डोनाल्ड ट्रंप को उनकी ऐतिहासिक चुनावी जीत पर हार्दिक बधाई। आपके अपने पिछले कार्यकाल की सफलताओं के क्रम में, मैं भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए हमारे सहयोग को नए सिरे से आगे बढ़ाने की आशा करता हूं।

उन्होंने कहा कि आइए एक साथ मिलकर अपने लोगों की बेहतरी के लिए और वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए काम करें। मोदी ने इस पोस्ट के साथ ट्रंप से मुलाकात की कुछ पुरानी तस्वीरें भी साझा की। ऐसी एक तस्वीर में वह ट्रंप के साथ गले मिलते तो दूसरे में दोनों एक-दूसरे का हाथ पकड़कर ठहाके लगाते दिख रहे हैं।

रिपब्लिकन पार्टी को पहली बार सीनेट में बहुमत : रिपब्लिकन पार्टी ने मंगलवार देर रात अमेरिकी सीनेट में बहुमत हासिल कर लिया। पार्टी ने अपनी सीटों पर जीत के क्रम को दोहराते हुए डेमोक्रेटिक पार्टी के कब्जे वाली कई सीटों पर जीत हासिल कर चार साल में पहली बार सीनेट में अपना दबदबा बढ़ा लिया। नेब्रास्का में रिपब्लिकन पार्टी की अप्रत्याशित जीत ने उसे शीर्ष पर पहुंचा दिया।

मौजूदा रिपब्लिकन सीनेटर डेब फिशर ने निर्दलीय नवोदित नेता डैन ओसबोर्न से आश्चर्यजनक रूप से मजबूत चुनौती का सामना किया। सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी को जो थोड़ा बहुत बहुमत प्राप्त था, उसे बचाने वे नाकाम रहे और पूरा आंकड़ा रिपब्लिकन पार्टी के पक्ष में जाते दिखा। रात में ही रिपब्लिकन पार्टी ने वेस्ट वर्जीनिया में एक सीट जीत ली, जिसमें जिम जस्टिस चुनाव जीत गए। उन्होंने आसानी से सेवानिवृत्त सीनेटर जो मैनचिन का स्थान ले लिया।

वहीं, टेक्सास के रिपब्लिकन नेता टेड क्रूज और फ्लोरिडा के रिक स्कॉट को हटाने के डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रयास विफल हो गए। कांग्रेस (अमेरिकी संसद) में प्रतिनिधि सभा और सीनेट के लिए होने वाले चुनाव यह निर्धारित करेंगे कि किस पार्टी के पास बहुमत है और राष्ट्रपति के एजेंडे को आगे बढ़ाने या रोकने की शक्ति किस सदन के पास है या फिर व्हाइट हाउस (अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक कार्यालय एवं आवास) को क्या विभाजित सदन का सामना करना पड़ेगा। अब ध्यान डेमोक्रेटिक पार्टी के वर्चस्व वाले राज्यों पेंसिल्वेनिया, मिशिगन और विस्कॉन्सिन पर केंद्रित है, जहां डेमोक्रेटिक पार्टी सीनेट पर अपनी बची हुई पकड़ को बचाने की जद्दोजहद में है।

श्री थानेदार मिशिगन से प्रतिनिधि सभा के लिए फिर चुने गए : भारतीय अमेरिकी सांसद श्री थानेदार मिशिगन के 13वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से एक बार फिर निर्वाचित हुए हैं। उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के अपने प्रतिद्वंद्वी मार्टेल बिविंग्स को 35 प्रतिशत से अधिक अंतर से हराया और वे दूसरे कार्यकाल के लिए पुन: निर्वाचित हुए। उन्होंने अपनी जीत का श्रेय मतदाताओं को मजबूत आधारभूत सेवाएं प्रदान करने, कामकाजी परिवारों के पक्ष में खड़े होने, यूनियन के पक्ष में लड़ाई लड़ने और हमेशा प्रजनन स्वतंत्रता के हक में अपनी लड़ाई को दिया।

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में वर्तमान में पांच भारतीय अमेरिकी सांसद हैं, जिनमें राजा कृष्णमूर्ति, रो खन्ना, प्रमिला जयपाल और अमी बेरा शामिल हैं। कृष्णमूर्ति इलिनोइस के 7वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से पुन: निर्वाचित हुए हैं। इस सीट का वह 2017 से प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। खन्ना कैलिफोर्निया के 17वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से अमेरिकी प्रतिनिधिसभा के लिए दोबारा चुने गए हैं। बेरा और जयपाल के भी जीतने की उम्मीद है। अगली कांग्रेस (अमेरिकी संसद) में वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से सुहास सुब्रमण्यम भी उनके साथ शामिल होंगे।

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