
रांची । झारखंड में महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों और न्यायपालिका के परिसरों को बम विस्फोट से उड़ाने की धमकियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को एक बार फिर अपराधियों ने राज्य के तीन प्रमुख केंद्रों रांची समाहरणालय, धनबाद सिविल कोर्ट और साहिबगंज सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी देकर सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी। ई-मेल के जरिए मिली इन धमकियों के बाद पूरे राज्य में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में संबंधित परिसरों को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। राजधानी रांची में उपायुक्त के आधिकारिक ई-मेल पर आए धमकी भरे संदेश के बाद समाहरणालय भवन में बम निरोधक दस्ते ने घंटों सघन तलाशी अभियान चलाया, जबकि धनबाद और साहिबगंज में अदालती कार्यवाही के बीच अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। साहिबगंज में धमकी मिलने के बाद एसपी अमित कुमार सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने राजमहल और साहिबगंज कोर्ट परिसर को खाली कराकर डॉग स्क्वायड की मदद से चप्पे-चप्पे की जांच की। वहीं, धनबाद सिविल कोर्ट में पिछले 15 दिनों के भीतर यह दूसरी धमकी है, जिससे वकीलों और मुवक्किलों में दहशत है। इससे पहले 10 मार्च को रांची सिविल कोर्ट को ’14 साइनाइड बम’ और 28 फरवरी को ‘आरडीएक्स’ से उड़ाने की चेतावनी दी गई थी।बोकारो सिविल कोर्ट और पासपोर्ट सेवा केंद्र को भी इसी तरह के ई-मेल प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए रसायनों के इस्तेमाल की बात कही गई थी। रांची पुलिस की तकनीकी जांच में इन धमकियों के पीछे एक बड़े अंतरराज्यीय कनेक्शन का खुलासा हुआ है।कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय के अनुसार, शुरूआती जांच में धमकी भरे ई-मेल का लोकेशन तमिलनाडु पाया गया है, जहां से उदय रेड्डी नामक शख्स लगातार इन संदेशों को भेज रहा है। जांच में यह बात सामने आई है कि किसी मामले में इंसाफ न मिलने से क्षुब्ध होकर वह न्यायपालिका और प्रशासन को निशाना बना रहा है।पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या उदय रेड्डी अकेले इस साजिश को अंजाम दे रहा है या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है। फिलहाल, झारखंड पुलिस की एक विशेष टीम को आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तमिलनाडु रवाना करने की तैयारी की जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर सभी संवेदनशील भवनों पर मेटल डिटेक्टर और अतिरिक्त बल तैनात कर दिए गए हैं।




