पटना। बिहार के औरंगाबाद में सोन नगर-पतरातू रेलखंड पर जपला से नबीनगर तक 16 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन बिछाने का काम पूरा हो गया है। रेलवे के संरक्षा आयुक्त ने इस लाइन का निरीक्षण किया और इसे ट्रेनों के लिए हरी झंडी दे दी। यह लाइन बिहार के औरंगाबाद और झारखंड के कई जिलों से होकर गुजरती है। इससे नबीनगर और टंडवा स्थित बिजली घरों को कोयला आपूर्ति में आसानी होगी।

पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि सोन नगर-पतरातू के बीच तीसरी लाइन बिछाने का काम चल रहा है। इसी के तहत जपला से नबीनगर तक 16 किलोमीटर लंबी लाइन बिछाई गई है। इस लाइन का निरीक्षण पूर्वी सर्किल, कोलकाता के संरक्षा आयुक्त (रेलवे) शुभोमोय मित्रा ने किया। उन्होंने पहले जपला से नबीनगर तक मोटर ट्रॉली से निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने एक विशेष रेलगाड़ी से भी लाइन का परीक्षण किया। इस मौके पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक राजेश गुप्ता और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

निरीक्षण के बाद रेल संरक्षा आयुक्त ने जपला-नबीनगर तीसरी रेल लाइन पर ट्रेनों के परिचालन की मंजूरी दे दी। यह नई लाइन 291 किलोमीटर लंबे सोन नगर-पतरातू तीसरी लाइन परियोजना का हिस्सा है। इस परियोजना को 2015-16 में 4500 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी मिली थी। यह रेल लाइन बिहार के औरंगाबाद और झारखंड के रामगढ़, हजारीबाग, लातेहार, पलामू और गढ़वा जिलों से होकर गुजरती है।

यह परियोजना नबीनगर और टंडवा स्थित सुपर थर्मल पावर प्लांट में कोयले की आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है। इससे बिजली घरों को बिना किसी रुकावट के कोयला मिलता रहेगा। इसके अलावा, यह लाइन सोन नगर में डीएफसी लाइन के साथ भी जुड़ेगी। यह सोन नगर-पतरातू तीसरी लाइन परियोजना को और भी महत्वपूर्ण बनाता है। यह परियोजना अलग-अलग चरणों में पूरी की जा रही है। अभी तक इस परियोजना के तहत 145 किलोमीटर लंबी लाइन बिछाई जा चुकी है। बाकी काम अभी जारी है।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version