रांची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए कैबिनेट में झारखंड से दो-तीन सांसदों को मौका मिल सकता है। राज्य में बीजेपी के आठ और सहयोगी दल आजसू पार्टी के एक सीट मिली है। एनडीए के अहम सहयोगी आजसू पार्टी के चंद्रप्रकाश चौधरी को मौका मिल सकता है। बीजेपी के दो सांसदों को मौका मिल सकता है। इस तरह से राज्य में एनडीए के नौ में से पांच सांसद मंत्री पद की दौड़ में शामिल हैं, लेकिन इस फैसला तो पीएम मोदी और एनडीए नेतृत्व को ही लेना हैं।

मोदी के पहले कार्यकाल में झारखंड के दो सांसदों सुदर्शन भगत और जयंत सिन्हा को राज्य मंत्री बनाया गया था। जबकि पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल में कैबिनेट में अर्जुन मुंडा को कृषि और जनजातीय मामलों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जबकि अन्नपूर्णा देवी को शिक्षा राज्य मंत्री बनाया गया था। लेकिन इस बार अर्जुन मुंडा खूंटी से चुनाव हार चुके हैं। वहीं कोडरमा संसदीय क्षेत्र से अन्नपूर्णा देवी ने दूसरी बार बड़े अंतर से चुनाव जीतीं। ऐसे में एक बार फिर अन्नपूर्णा को मौका मिल सकता है।

गोड्डा से बीजेपी के निशिकांत दुबे लगातार चौथी बार सफल रहे हैं। जबकि जमशेदपुर से विद्युत वरण महतो और पलामू के सांसद विष्णु दयाल राम के नाम की भी चर्चा है। लोकसभा में बीजेपी के पक्ष को दमदार तरीके से रखने वाले निशिकांत दुबे की छवि आक्रामक सांसद की रही है। साथ ही संताल इलाके में सिर्फ एक सीट गोड्डा पर बीजेपी को मिली है। ऐसे में प्रतिनिधित्व देने की बात सामने आई तो निशिकांत दुबे को अवसर मिल सकता है। वहीं राज्य में नवंबर-दिसंबर महीने में विधानसभा के चुनाव भी होने हैं। आगामी चुनावों में कुरमी वोटरों को साधने की भी चुनौती है। इस स्थिति में विद्युत वरण महतो को मौका मिल सकता है।

आजसू पार्टी के चंद्रप्रकाश चौधरी के नाम की भी चर्चा

झारखंड के गिरिडीह लोकसभा सीट से निर्वाचित आजसू पार्टी सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी के नाम की भी चर्चा है। चंद्रप्रकाश चौधरी को भी कैबिनेट में जगह देखकर कुरमी-महतो मतदाताओं को साधने की कोशिश की जा सकती है। चंद्रप्रकाश चौधरी को जगह मिलने पर केंद्रीय कैबिनेट में एनडीए के सहयोगी दल को स्थान देने का उद्देश्य भी हो जाएगा।
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पलामू से तीसरी पर निर्वाचित बीडी राम भी दौड़ में शामिल

राज्य में लोकसभा की एससी आरक्षित पर पलामू से जीते बीडी राम की जीत भी अहम है। बीडी राम लगातार तीसरी बार लोकसभा केसांसद चुने गए हैं। झारखंड के पूर्व डीजीपी रहे बीडी राम भी जीत-हार के बड़े अंतर को बरकरार रखकर चुनाव जीते हैं।

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