रांची। रक्षा राज्य मंत्री और रांची के सांसद संजय सेठ ने शनिवार को कहा कि देश में घरेलू गैस (एलपीजी) और पेट्रोल-डीजल की किसी प्रकार की कमी नहीं है। जो भी समस्या या अफवाह सामने आ रही है, वह कांग्रेस और झारखंड सरकार के कुछ मंत्रियों द्वारा प्रायोजित है, जिसे अनावश्यक रूप से तूल दिया जा रहा है।

अरगोड़ा स्थित अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में संजय सेठ ने कहा कि राजनीतिक कारणों और सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए कुछ लोग अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले देश में प्रतिदिन लगभग 55 लाख गैस सिलेंडर की बुकिंग होती थी, जो अब बढ़कर 75 लाख से अधिक हो गई है। यह वृद्धि केवल घबराहट की स्थिति (पैनिक सिचुएशन) के कारण हो रही है।

सेठ ने कहा कि हर पेट्रोल पंप और गैस एजेंसी में गैस की आपूर्ति नियमित रूप से हो रही है। पाइपलाइन के माध्यम से मिलने वाली घरेलू गैस यानी पीएनजी की आपूर्ति भी पूरी तरह सामान्य है। रांची में 25 हजार से अधिक परिवार पीएनजी कनेक्शन ले चुके हैं और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है। जिन लोगों को कनेक्शन की जरूरत है, वे 1800 1231211 नंबर पर कॉल कर कनेक्शन ले सकते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि कालाबाजारी से जुड़े कुछ लोग जनता में पैनिक की स्थिति पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में लगभग एक लाख पेट्रोल पंप और 25 हजार गैस एजेंसियों में सामान्य रूप से आपूर्ति हो रही है। इसके बावजूद रांची सहित पूरे झारखंड में कृत्रिम रूप से पैनिक सिचुएशन खड़ा किया जा रहा है, जिससे जनता के बीच भ्रम की स्थिति बन रही है।सेठ ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी तरह की अफवाहों से गुमराह न हों। देश में गैस, पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता पड़ने पर लोग जिला प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों पर शिकायत कर सकते हैं।

इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ राज्य में गर्भवती महिलाओं को एंबुलेंस में स्ट्रेचर तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है और कई महिलाएं प्रसव के लिए अस्पताल जाते समय एंबुलेंस में खड़े-खड़े यात्रा करने को मजबूर हैं। दूसरी ओर सरकार के मंत्री अनावश्यक कार्यक्रमों में फोटो खिंचवाने और राजनीतिक स्टंट में व्यस्त हैं।

संजय सेठ ने हाल ही में हुई एयर एंबुलेंस दुर्घटना का जिक्र करते हुए कहा कि इस हादसे में कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया, लेकिन इसके बावजूद संबंधित कंपनी रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड को राज्य सरकार द्वारा छह महीने का विस्तार दे दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किन परिस्थितियों में इस कंपनी को अवधि विस्तार दिया गया, जबकि अब तक प्रभावित परिवारों को पर्याप्त मुआवजा तक नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय कई गंभीर प्रश्न खड़े करता है और इससे सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठते हैं।

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