
बेतिया। अपने के हमनी के बहुत आगे बढ़इले बानी। अतना खुशी के मारे… अतना खुशी के मारे… रुऊआ आइल बानी ई खुशी…। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सामने देख कर एक महिला इतना भावविह्वल हो जाती है कि वह अपनी बात ठीक से कह नहीं पाती है। जुबान भले साथ न दे रही हो लेकिन चेहरा बेइंतहां खुशी से दमक रहा है। गांव-देहात की साधारण महिला भोजपुरी में ही मुख्यमंत्री के सामने अपने भावों के प्रगट कर रही हैं।



यह खुशी बिहार की उन करोड़ों महिलाओं की खुशी की एक झलक है जिनकी जिंदगी पहले कुछ नहीं थी, लेकिन अब बहुत कुछ है। पहले दिहाड़ी मजदूर थीं, लेकिन अब अपने गांव की बिजनेस वुमन है। नीतीश कुमार ने 2026 की पहली यात्रा के पहले दिन ही अपने काम के इनाम की झलक देख ली। वे जिस स्टॉल पर रुके थे उस पर स्लोगन लिखा था- सशक्त नारी, खुशहाल बिहार। नीतीश सरकार की योजनाओं के कारण जीविका दीदियां पहले 50-60 हजार रुपये सालाना कमाती थीं। अब सरकार उन्हें लखपति दीदियां बना रही है। ऐसे सरकार को देख कर भला कौन खुशी से फुले नहीं समाएगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए सजा-धजा परिसर तैयार है। समृद्धि यात्रा से जुड़े मुपख्यमंत्री नीतीश कुमार को पोस्टर लगे हुए हैं। परिसर में कई स्टार्टअप और छोटी औद्योगिक इकाइयों के स्टॉल सजे हुए हैं। हर स्टॉल पर उद्यम समूहों के प्रतिनिधि मुस्तैदी से खड़े हैं। स्थानीय अधिकारी व्यवस्था का मुआयना कर रहे हैं। तभी जिलाधिकारी और अन्य अफसर भागते हुए दिखते हैं। पीछे काले कपड़ों में हथियारों से लैस कमांडो तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। मतलब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का काफिला परिसर में पहुंच चुका है। फिर एक कार से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उतरते हैं। उनके साथ उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, मंत्री विजय कुमार चौधरी और मुख्य सचिव अमृत प्रत्यय अन्य अधिकारी मौजूद हैं।

