
वाशिंगटन | ईरान के साथ जारी सैन्य संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहली बार राष्ट्र को संबोधित करते हुए युद्ध की वर्तमान स्थिति और भविष्य की रणनीति स्पष्ट की। ट्रंप ने दावा किया कि युद्ध का सबसे कठिन चरण पूरा हो चुका है और अब अमेरिका इस संघर्ष को समेटने के करीब है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि ईरान की सैन्य शक्ति काफी हद तक ध्वस्त हो चुकी है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि अगले दो से तीन सप्ताह तक अमेरिकी सेना ईरान पर “बेहद कड़ा” (Extremely Hard) प्रहार जारी रखेगी। ट्रंप के अनुसार, पिछले चार हफ्तों में अमेरिकी सशस्त्र बलों ने युद्ध के मैदान में ऐसी “त्वरित और निर्णायक जीत” हासिल की है, जैसी पहले कभी नहीं देखी गई।



हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर कड़ा रुख : वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का जिक्र करते हुए ट्रंप ने तेल आयात करने वाले देशों को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा—”जो देश इस मार्ग से तेल प्राप्त करते हैं, वे खुद आगे आएं और इस जलमार्ग की सुरक्षा की जिम्मेदारी लें। इसे अपने नियंत्रण में लें और अपने लिए सुरक्षित करें।”
मध्य-पूर्व के सहयोगियों को सुरक्षा का भरोसा : ट्रंप ने इस युद्ध में साथ दे रहे क्षेत्रीय सहयोगियों— इज़राइल, सऊदी अरब, कतर, यूएई, कुवैत और बहरीन का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वाशिंगटन अपने इन मित्रों के हितों को किसी भी कीमत पर प्रभावित नहीं होने देगा और उनकी सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
राष्ट्रपति का यह संबोधन संकेत देता है कि अमेरिका अब इस महंगे सैन्य संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करना चाहता है, लेकिन वह पीछे हटने से पहले ईरान की बची-कुची सैन्य क्षमता को पूरी तरह समाप्त करने की योजना पर काम कर रहा है।

