
जैसलमेर। भारतीय वायु सेना ने राजस्थान के जैसलमेर जिले में पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में ‘वायु शक्ति’ अभ्यास के दौरान शुक्रवार को अपनी मारक क्षमता, सटीक प्रहार और एकीकृत युद्ध कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। राफेल लड़ाकू विमान ने सुपरसोनिक बूम के साथ शुरूआत की, जिससे पूरी रेंज थर्रा उठी। सुखोई-30 एमकेआई ने दुश्मन के रनवे और ठिकानों पर 44 बम गिराए। मिग-29 ने टैंक काफिले को नष्ट किया, जबकि जगुआर ने सुदर्शन फॉर्मेशन में लक्ष्य पर सटीक हमला किया।



वायु सेना ने आॅपरेशन ‘सिंदूर’ के बाद अपने पहले शक्ति प्रदर्शन में मिराज-2000, हॉक और अन्य विमानों से रॉकेट, लेजर गाइडेड बम और मिसाइल गिराकर दुश्मन के नकली ठिकानों जैसे रडार, बंकर, एम्यूनिशन डंप, हवाई पट्टी और पेट्रोल पंप को ध्वस्त किया। कुल 18 नकली लक्ष्यों को बर्बाद किया गया। हेलीकॉप्टरों में अपाचे, प्रचंड (एलसीएच), चिनूक, एमआई-17 और चेतक शामिल रहे। चिनूक ने एम-777 होवित्जर तोप पहुंचाई, जबकि गरुड़ कमांडो ने हेलीकॉप्टर से ड्रॉप कर आतंकवादी ठिकाने मुक्त करवाया। सी-130जे हरक्यूलिस ने रात में असॉल्ट लैंडिंग की और कमांडो ड्रॉप किया। सी-295 ने भी असॉल्ट लैंडिंग दिखाई।
पाकिस्तान के साथ हवाई संघर्ष में आॅपरेशन ‘सिंदूर’ के दौरान एयर डिफेंस सिस्टम एस-400 से दुश्मन के हमलों को नाकाम करने का प्रदर्शन आज यहां दोहराया गया। स्वदेशी हथियारों जैसे आकाश और समर मिसाइल ने सतह से हवा में मार करने वाले लक्ष्यों को सफलतापूर्वक नष्ट किया। परिवहन विमानों में सी-17, सी-130जे, सी-295 आदि शामिल थे। इस बार का मुख्य आकर्षण पहली बार वायु शक्ति में शामिल भव्य ड्रोन शो रहा।आसमान में ड्रोन के जरिए भारत का नक्शा, आतिशबाजी, एयरफोर्स का प्रतीक विमान दिखाया गया। इस ड्रोन शो में पाकिस्तान के साथ 1965 के सरगोधा युद्ध में निर्मलजीत सिंह की बहादुरी, कारगिल में टाइगर हिल बमबारी, बालाकोट एयर स्ट्राइक और आॅपरेशन सिंदूर को दशार्या गया।
पोखरण में शाम 5.10 बजे से 7.45 तक वायु सेना ने दिन की रोशनी में, रेगिस्तान के धूल भरे वातावरण में और रात के अंधेरे में अपनी शक्तिशाली क्षमता का प्रदर्शन किया। कुल 2 घंटे 35 मिनट के इस ‘वायु शक्ति’ में वायु सेना के 77 फाइटर जेट, 43 हेलीकॉप्टर और 8 परिवहन विमानों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा दूर से संचालित विमानों ने एरियल टारगेट, जमीन से हवा में मार करने वाले हथियारों का प्रदर्शन करके आॅपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक दिखाई। लड़ाकू विमानों में राफेल, मिराज-2000, स्वदेशी एयरक्राफ्ट तेजस, सुखोई-30, मिग-29, और जगुआर और हेलीकाप्टरों में अपाचे, एमआई-17 वीआई, चिनूक, एमआई-17 वी5, एलसीएच ‘प्रचंड’ और एएलएच ‘ध्रुव’ इस हवाई अभ्यास का हिस्सा बने।

