
गिरिडीह। झारखंड के गिरिडीह जिले के डुमरी निवासी सुनील कुमार को सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख तेल एवं गैस कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) का नया चेयरमैन एवं सीईओ नियुक्त किया गया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार सहित पूरे डुमरी क्षेत्र में खुशी की लहर है। स्थानीय लोग इसे झारखंड के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि मान रहे हैं। जारी आदेश के अनुसार, सुनील कुमार 7 दिसंबर 2026 या उसके बाद पदभार संभालेंगे।
भारत सरकार की कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। 21 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के मुताबिक, उनका कार्यकाल निर्धारित शर्तों के अनुसार तीन वर्ष का होगा। सुनील कुमार की नियुक्ति को लेकर उनके परिवार, मित्रों और शुभचिंतकों में उत्साह का माहौल है।
डुमरी में हुई शुरुआती पढ़ाई, ISM धनबाद से बने पेट्रोलियम इंजीनियर
सुनील कुमार स्वर्गीय नंद कुमार गुप्ता और तुलसी देवी के पुत्र हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा डुमरी में हुई। उन्होंने बेसिक स्कूल डुमरी से सातवीं कक्षा तक पढ़ाई की और इसके बाद केबी हाई स्कूल से मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की। वर्ष 1984 में वे अपने बैच के स्कूल टॉपर रहे थे।
इसके बाद उन्होंने संत कोलंबस कॉलेज, हजारीबाग से प्रथम श्रेणी में आईएससी की परीक्षा पास की। फिर आईएसएम धनबाद, जिसे अब आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के नाम से जाना जाता है, से पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। वे संस्थान के 1991 बैच के छात्र रहे हैं। उन्होंने मार्केटिंग और फाइनेंस में विशेषज्ञता के साथ बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई भी की।
1991 में ONGC से शुरू किया था करियर
सुनील कुमार ने वर्ष 1991 में असम के शिवसागर-नजीरा क्षेत्र में ओएनजीसी के असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (प्रोडक्शन) के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। तीन दशक से अधिक के अनुभव के दौरान उन्होंने मुंबई, दिल्ली, हजीरा और काकीनाडा सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम किया।
फिलहाल वे ओएनजीसी के मेहसाणा एसेट में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और एसेट मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। लंबे अनुभव और कंपनी में विभिन्न जिम्मेदारियों को निभाने के बाद अब उन्हें चेयरमैन एवं सीईओ की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बेटे की सफलता पर छलके मां के खुशी के आंसू
सुनील कुमार की मां तुलसी देवी ने बेटे की नियुक्ति की खबर मिलने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने बताया कि सुनील बचपन से ही पढ़ाई और अपनी जिम्मेदारियों के प्रति गंभीर रहा है। उनकी मेहनत और काम के प्रति समर्पण का ही परिणाम है कि आज उसे देश की प्रतिष्ठित सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी का नेतृत्व करने का अवसर मिला है।
सुनील के चाचा अशोक कुमार गुप्ता ने कहा कि यह उपलब्धि केवल परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे गिरिडीह जिले और झारखंड के लिए गर्व की बात है। उनके मुताबिक, सुनील बचपन से ही मेधावी था और उसकी मेहनत, ईमानदारी तथा लगन से परिवार को हमेशा बेहतर भविष्य की उम्मीद रही।
परिवार में शिक्षा की मजबूत परंपरा
सुनील कुमार के परिवार में शिक्षा और पेशेवर उपलब्धियों की लंबी परंपरा रही है। उनके भाई राकेश कुमार गुप्ता इसरी मध्य विद्यालय में विज्ञान शिक्षक सह प्रभारी प्रधानाध्यापक हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिता नंद कुमार गुप्ता ने वर्ष 1961 में संत कोलंबस कॉलेज से गणित में ऑनर्स के साथ बीएससी की पढ़ाई पूरी की थी। वे कुछ समय तक डुमरी हाई स्कूल में प्रधानाध्यापक रहे और बाद में गोमिया के आईएल में केमिस्ट के रूप में काम करने के बाद व्यवसाय से जुड़ गए।
राकेश कुमार के अनुसार, उनके पिता ने बच्चों की शिक्षा को हमेशा प्राथमिकता दी और सभी को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उनके मंझले भाई राजेश कुमार गुप्ता ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन में अडानी ग्रुप में जीएम (फाइनेंस) एवं कंपनी सेक्रेटरी हैं। वहीं, सुशील कुमार गुप्ता सिडनी स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में वैज्ञानिक हैं। परिवार के बहनोई प्रदीप कुमार भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर में सीनियर साइंटिस्ट हैं।
बचपन के दोस्तों ने भी जताई खुशी
सुनील कुमार के बचपन के मित्र और सहपाठी सतीश जायसवाल ने बताया कि नियुक्ति की खबर सुनकर उन्हें पहले विश्वास नहीं हुआ। परिवार से पुष्टि होने के बाद वे बेहद खुश हुए। उन्होंने कहा कि सुनील पढ़ाई में काफी तेज थे और बचपन से ही मेहनती रहे हैं।
सतीश के मुताबिक, पढ़ाई के अलावा सुनील को क्रिकेट, पर्यटन, फोटोग्राफी और साहित्य में भी रुचि थी। वे क्रिकेट के अच्छे खिलाड़ी थे और क्षेत्र में सलामी बल्लेबाज के रूप में उनकी पहचान थी। मित्रों को उम्मीद है कि सुनील कुमार अपने अनुभव और प्रतिभा के दम पर ओएनजीसी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
झारखंड के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि
डुमरी के एक सामान्य शैक्षणिक परिवेश से निकलकर देश की प्रमुख ऊर्जा कंपनी के शीर्ष पद तक पहुंचने का सुनील कुमार का सफर युवाओं के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है। उनकी नियुक्ति की खबर के बाद क्षेत्र में लगातार बधाइयों का सिलसिला जारी है। परिवार और स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में ओएनजीसी नई उपलब्धियां हासिल करेगी और ऊर्जा क्षेत्र में देश की प्रगति को मजबूती मिलेगी।

