
लखनऊ। कांग्रेस के लखनऊ स्थित कार्यालय में बुधवार को अचानक बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय की महिलाएं पहुंच गईं। उन्होंने कहा कि अब राहुल गांधी उनके वादों को पूरा करेंगे, वो चुनाव जीत गए हैं। एक नहीं, बल्कि दो-दो सीटों पर वो जीत का परचम लहराने में सफल रहे, जो कि हर तरह से प्रशंसनीय है।



कांग्रेस कार्यालय पहुंची जुबैदा नाम की एक महिला ने कहा कि अब तो कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है। अब राहुल गांधी ने हमसे जो वादे किए हैं, उसे पूरा करेंगे। उन्होंने चुनाव में कहा था कि वो महिलाओं के खाते में प्रतिमाह 8500 रुपए डालेंगे। हम उनके इसी वादे को देखते हुए कार्यालय आए हैं। इस योजना का लाभ पाने के लिए हम जैसी कुछ अन्य महिलाएं एक फॉर्म भरकर कल सुबह तक भेज देंगे।
जुबैदा ने कहा कि पहले तो मुझे कांग्रेस कार्यालय में जाने नहीं दिया जा रहा था, लेकिन बाद मैं भी जिद पर अड़ गई। इसके बाद मुझे आने दिया गया। वहीं, हमें बहुत खुशी है कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव चुनाव जीत गए हैं। वहीं, कांग्रेस कार्यालय पहुंची एक अन्य महिला ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, ह्लराहुल गांधी हमारी मांगों को पूरा करेंगे। हमें पूरा विश्वास है कि जो वादे उन्होंने चुनाव प्रचार में किए थे, वो अब पूरा करेंगे।ह्ल
उधर, एक अन्य महिला ने कहा कि हम कांग्रेस कार्यालय गए, लेकिन हमें अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है। हमें भ्रमित किया जा रहा है। कोई कह रहा है कि आप इतने बजे आओ, तो कोई कह रहा है कि आप इतने बजे आओ। हमें इस तरह से परेशान किया जा रहा है। कड़ी धूप में हम कांग्रेस कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हमें पूरा विश्वास है कि हमारी मांगों को पूरा किया जाएगा और जो वादे कांग्रेस की ओर से किए गए थे, उसे पूरा किया जाएगा। वहीं, कांग्रेस नेता सी पी राय ने कहा कि इंडिया गठबंधन की बैठक पर भी अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि जब चुनाव संपन्न होते हैं, तो जो भी गठबंधन या पार्टी चुनाव लड़ती है, वो आगे की रणनीति तैयार करने के लिए बैठक करती है। इस बार मुख्य रूप से दो गठबंधन चुनाव लड़े। एक बीजेपी के नेतृत्व में और दूसरा कांग्रेस के नेतृत्व में। दोनों ही गठबंधनों की आज बैठक है। आमतौर पर जब गठबंधन होता है, तो उसमें कई दल शामिल होते हैं। किसी भी नतीजे पर पहुंचने के लिए सभी की सहमति जरूरी होती है। ऐसी स्थिति में आप अकेले निर्णय नहीं ले सकते। आपको अपने साथी दलों के हितों का भी ध्यान रखना होता है। ऐसे में कई दफा स्थिति चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
उन्होंने आगे कहा कि निश्चित तौर पर हमने जब चुनाव लड़े तो आगे सरकार बनाने की दिशा में भी कदम उठाएंगे। चुनाव लड़ने से पहले हमने जनता के बीच कुछ वादे किए थे। ऐसी स्थिति में इन वादों को पूरा करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।

